संवाददाता@संदीप अग्रहरी…..

मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर लगा भीषण जाम, घंटों थमी रही रफ्तार; भाई की कलाई पर राखी बांधने निकली बहनों के चेहरे पर दिखी मायूसी
म्योरपुर। रक्षाबंधन के पावन त्योहार पर जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह से ही उत्साहित थीं, वहीं मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर लगे घंटों के जाम ने त्योहार की खुशियों को परेशानी में बदल दिया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और राहगीर घंटों जाम में फंसे रहने को मजबूर हुए।
सुबह निकलीं बहनें, शाम तक पहुंचीं घर:
भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह घर से निकली कई बहनों को रास्ते में ही जाम का सामना करना पड़ा। समय बीतता गया, लेकिन वाहनों की रफ्तार आगे नहीं बढ़ी। कई घंटे सड़क पर फंसे रहने के बाद जब बहनें अपने गंतव्य तक पहुंचीं तो चेहरे पर त्योहार की खुशी के बजाय थकान और मायूसी साफ नजर आई।

जाम में फंसी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग परेशान:
मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर जाम की स्थिति इतनी खराब रही कि सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के साथ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी घंटों परेशान होते रहे। कई राहगीरों का कहना था कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी की जानी चाहिए थी।
‘राखी बांधने निकले थे, रास्ते में ही फंस गए’:
जाम में फंसे लोगों के बीच यही सवाल सुनाई दिया कि आखिर त्योहार के दिन यातायात व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों रही? बहनों का कहना था कि वे सुबह भाई के घर राखी बांधने के लिए निकली थीं, लेकिन रास्ते में घंटों जाम में फंस जाने से पूरा कार्यक्रम बिगड़ गया।
प्रशासन से सवाल—त्योहार पर ट्रैफिक प्लान कहां था?
मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर जाम की समस्या कोई नई नहीं है। भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क पर वाहनों का बढ़ता दबाव अक्सर यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर यातायात को सुचारु रखने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए थे?
राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि मार्ग पर जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। त्योहारों के दौरान अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने और जाम वाले स्थानों पर तत्काल यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

राखी का त्योहार… लेकिन रास्ते में ‘इंतजार’ ही इंतजार:
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन इस बार कई बहनों के लिए यादगार तो रहा, लेकिन इसकी वजह खुशी नहीं बल्कि घंटों का जाम और सफर की परेशानी बनी। सुबह भाई की कलाई पर राखी बांधने निकलीं बहनों को शाम तक घर पहुंचना पड़ा।
अब सवाल यही है—आखिर कब सुधरेगी मुर्धवा-बीजपुर मार्ग की यातायात व्यवस्था और कब राहगीरों को रोज-रोज लगने वाले जाम से राहत मिलेगी?