• Contact US
  • Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

सोनभद्र. रिक्शे से बाजार घूमने का अपना ही मजा था, विकास के साथ छूटती जा रही हैं कुछ यादें

JK Gupta by JK Gupta
August 28, 2026
in सोनभद्र
0

मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…


…किराये को लेकर मीठी तकरार से लेकर बाजार की हर गली-दुकान से परिचय तक, साइकिल रिक्शा अब यादों में


करीब पांच वर्ष पहले तक रॉबर्ट्सगंज नगर की सड़कों पर साइकिल रिक्शे आम दिखाई देते थे। बाजार जाना हो या मोहल्ले की किसी गली तक पहुंचना, रिक्शा लोगों की पहली पसंद हुआ करता था। आज उनकी जगह ई-रिक्शा ने ले ली है। विकास के बदलते परिवेश ने सफर को भले ही तेज और आसान बना दिया हो, लेकिन इसके साथ बीते दौर की कुछ खूबसूरत यादें भी पीछे छूटती जा रही हैं।

उस दौर में रिक्शे से बाजार घूमने का अपना ही मजा था। रिक्शे की धीमी रफ्तार के साथ बाजार की हर दुकान, हर गली और हर मोड़ नजरों के सामने से गुजरता था। किस दुकान पर क्या मिलता है, कौन सी चीज किस गली में मिलेगी, इसकी जानकारी भी इसी तरह बाजार घूमते-घूमते हो जाती थी। परिवार के साथ खरीदारी के लिए निकले लोग रास्ते में जरूरत की कोई चीज दिखने पर रिक्शा रुकवा देते थे। चालक भी रिक्शा किनारे खड़ा कर देता और सामान खरीदने के बाद सफर फिर शुरू हो जाता।

रिक्शे की घंटी की टन-टन, चालक की आवाज और किराये को लेकर होने वाली मीठी तकरार भी उस सफर का हिस्सा थी। कई बार बाजार की भीड़ में धीरे-धीरे आगे बढ़ता रिक्शा लोगों को आसपास की दुकानों और बाजार के माहौल को करीब से महसूस करने का मौका देता था।

इसके विपरीत आज ई-रिक्शा ने सफर का तरीका बदल दिया है। छह-सात सवारियों को लेकर ई-रिक्शा तेजी से निकल जाता है। कब किस गली से होकर मंजिल तक पहुंच गए, कई बार पता ही नहीं चलता। बाजार देखने और महसूस करने के बजाय अब सफर का मकसद सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना रह गया है।

साइकिल रिक्शा से कई परिवारों की रोजी-रोटी भी जुड़ी थी। चालक के साथ पंचर बनाने और रिक्शा मरम्मत करने वालों का रोजगार चलता था। आज नगर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या से जाम की समस्या भी बढ़ी है।

समय आगे बढ़ रहा है, सुविधाएं बढ़ रही हैं, लेकिन विकास के इसी बदलते परिवेश में बाजार की सैर, रिक्शे की घंटी और रास्ते में रुककर खरीदारी करने जैसी कई छोटी-छोटी यादें पीछे छूटती जा रही हैं।

Views: 40
Download Sonebhadra Live App
Previous Post

सोनभद्र. पुलिस भाइयों की कलाई पर सजी राखी, सुरक्षा का लिया वचन

Next Post

बीजपुर. भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास से मनाया

Next Post

बीजपुर. भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास से मनाया

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement