मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन

अयोध्या में साथी लेखपाल के खिलाफ हुई एंटी करप्शन कार्रवाई के विरोध में शनिवार को रॉबर्ट्सगंज तहसील के लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने तहसील समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। लेखपालों ने कार्रवाई को अनैतिक और सुनियोजित बताते हुए कहा कि उनके साथी को कथित तौर पर गलत तरीके से फंसाकर गिरफ्तार किया गया है।

तहसील लेखपाल संघ अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि मामले की वास्तविकता सामने लाने में सचिवालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने सरकार से अयोध्या प्रकरण में कथित रूप से संलिप्त एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।लेखपालों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से राजस्व कर्मचारियों में भय का माहौल बन रहा है और उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने अपनी कार्य संबंधी समस्याओं को भी उठाया।

उनका कहना है कि एक लेखपाल के जिम्मे करीब आठ से दस गांव होते हैं, जिनमें कई गांव सात से 50 किलोमीटर तक दूर स्थित हैं। ऐसे में केवल साइकिल भत्ते के सहारे नियमित आवागमन करना मुश्किल है। उन्होंने उचित यात्रा भत्ता दिए जाने की मांग की।

इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और सर्वर की समस्या का मुद्दा भी उठाया गया। कर्मचारियों के मुताबिक तकनीकी दिक्कतों के कारण ऑनलाइन सरकारी कार्य प्रभावित होते हैं और अधिकारियों को समय पर सूचनाएं भेजने में परेशानी होती है।

लेखपालों ने कहा कि उनका धरना सरकार के निर्देशानुसार चल रहा है। आगे की रणनीति शासन से मिलने वाले अगले निर्देश के आधार पर तय की जाएगी। संघ ने पूरे अयोध्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
