संवाददाता@अनिल अग्रहरी…..

चोपन ब्लॉक की कोटा ग्राम पंचायत के परासपानी टोला में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी से छोड़े गए पानी के कारण किसानों की करीब 15 बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई।

खेतों में पानी भरने से फसल सड़ने-गलने लगी है, जिससे प्रभावित किसानों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने मामले की सूचना क्षेत्रीय लेखपाल को देकर नुकसान का जायजा लेने और मुआवजे की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार कोटा पंचायत भवन के समीप सड़क से करीब 15-20 फीट गहरी खाई में जल जीवन मिशन के तहत पंप हाउस व टंकी का निर्माण किया गया है। बारिश के दौरान पंप हाउस की बाउंड्री तक पानी भर जाता है। इसके बाद मोटर के जरिए पानी निकालकर पंप हाउस में पहुंचाया जाता है और वहां से कुछ दूरी पर स्थित दूसरी पानी की टंकी में सप्लाई दी जाती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी भर जाने के बाद संचालक द्वारा अतिरिक्त पानी रात में आसपास के खेतों की ओर छोड़ दिया जाता है। इससे खेतों में पानी जमा हो जाता है और धान की फसल प्रभावित होती है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस बार पानी भरने से धनीराम गोंड, बिहारी लाल, भगवान दास, तेजाब सिंह, रूपचन्द्र, चरन सिंह, रविशंकर, हिरालाल, रामबरन, हरिशंकर, विजय, विनय, विजय शंकर, अमरनाथ, जवाहिर, भोला और सुरेंद्र गोंड समेत अन्य किसानों की करीब 15 बीघा धान की फसल खराब हो गई है।

किसानों ने संबंधित विभाग से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने तथा भविष्य में खेतों में पानी न छोड़े जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
