पंचायत संवाददाता@विष्णु कुशवाहा…
जोगिया में प्राथमिक विद्यालय से कोहरान बस्ती तक 400 मीटर मार्ग बदहाल,कीचड़ के चलते मिट्टी के दीये और बर्तन बाजार तक पहुंचाना मुश्किल

दीपावली का त्योहार नजदीक है। घरों को रोशन करने के लिए मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उनके अपने घरों तक पहुंचने वाला रास्ता ही अंधेरे में है। आदर्श नगर पालिका परिषद सोनभद्र के वार्ड नंबर 10 स्थित जोगिया में मंदिर के पास प्राथमिक विद्यालय से कोहरान बस्ती तक जाने वाली करीब 400 मीटर सड़क पिछले छह माह से अधूरी पड़ी है।

सड़क पर मिट्टी डालकर छोड़ दिए जाने से अब यह मार्ग लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। खासकर इस रास्ते पर रहने वाले माटीकला के कारीगरों की रोजी-रोटी पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में कुम्हार और माटीकला से जुड़े परिवार रहते हैं। ये कारीगर दीपावली के लिए मिट्टी के दीये, खिलौने और अन्य मिट्टी के बर्तन तैयार कर बाजार में बेचते हैं।

त्योहार के इस महत्वपूर्ण सीजन में उनकी कमाई की उम्मीदें टिकी होती हैं, लेकिन सड़क की बदहाली ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कीचड़ और फिसलन के कारण तैयार दीये, खिलौने और बर्तनों को बाजार तक पहुंचाना कठिन हो रहा है। वाहन रास्ते से नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसे में कारीगरों को आशंका है कि कहीं महीनों की मेहनत और त्योहार के सीजन की कमाई खराब रास्ते की भेंट न चढ़ जाए।

स्थानीय निवासी बाबूलाल प्रजापति ने बताया कि करीब छह महीने पहले सड़क पर मिट्टी डाली गई थी, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ा। दीपावली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई।

वहीं लक्ष्मीकांत ने बताया कि हल्की बारिश में ही रास्ता कीचड़युक्त और बेहद फिसलन भरा हो जाता है। स्कूली बच्चे आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं। सड़क के किनारे पोखरा होने से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

उन्होंने बताया कि खराब रास्ते के कारण बाइक तक नहीं निकल पा रही है। किसी आपात स्थिति में एंबुलेंस का पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है। त्योहार के लिए दीये और मिट्टी के सामान बाजार तक ले जाने में भी परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासी गीता देवी ने कहा कि मिट्टी डालने के बाद से सड़क को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है। लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।

दीपक, टिंकू, जितेंद्र, शांतनु, रामधनी, रवि सहित अन्य ग्रामीणों ने नगर पालिका प्रशासन से सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह केवल आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि यहां रहने वाले कई कारीगर परिवारों की आजीविका का सहारा भी है।

दीपावली पर दूसरों के घर रोशन करने के लिए दीये बनाने वाले इन परिवारों के घरों तक ही रास्ता नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में प्रशासन को त्योहार से पहले सड़क का निर्माण कराकर बच्चों, बुजुर्गों और माटीकला के कारीगरों को राहत देनी चाहिए।