संवाददाता@कृपाशंकर पांडेय…..
खड़ी फसल खेतों में गिरी, कटी धान की उपज भी भीगी; किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की

चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव के चलते सोनभद्र में मौसम का मिजाज बदल गया है। गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। मध्यम से तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल कई स्थानों पर तेज हवाओं के चलते गिर गई, जबकि कटाई के बाद खेतों में रखी फसल बारिश में भीगने से खराब होने की आशंका है।

ग्राम सिंदुरिया निवासी पूर्व प्रधान एवं किसान रामनारायण पांडेय ने बताया कि करीब 20 बीघा में लगी उनकी धान की फसल को लगभग 75 प्रतिशत नुकसान हुआ है। खड़ी फसल खेत में गिर गई, जबकि तीन-चार दिन पहले काटकर रखी गई धान की उपज बारिश में भीग गई। उन्होंने करीब तीन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताते हुए प्रशासन से फसल का सर्वे कराकर बीमा लाभ और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। उनके अनुसार गांव के करीब 15 से 20 अन्य किसान भी प्रभावित हुए हैं।
वहीं, विकासखंड चोपन क्षेत्र के एक किसान ने बताया कि 18 बीघा में धान की खेती में करीब ढाई से तीन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। उनके मुताबिक क्षेत्र के अधिकांश किसानों की धान की फसल बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित हुई है।

उधर, कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने किसानों से खेतों में जलभराव न होने देने तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की अपील की है। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। सरसों, चना और मटर की बुवाई करने वाले किसानों को भी खेत में अत्यधिक नमी और जलभराव से बचने को कहा गया है।
चक्रवाती तूफान को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़, बिजली के खंभे तथा कमजोर भवनों से दूर रहने और मौसम संबंधी जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।