मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…
..बाजारों में देर रात तक हुई खरीदारी, सोलह श्रृंगार के साथ करवा माता की पूजा और कथा सुनेंगी महिलाएं

सुहाग, प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक करवा चौथ गुरुवार को जिलेभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं व्रत रखेंगी।

पर्व को लेकर बुधवार देर रात तक रॉबर्ट्सगंज सहित जिले के विभिन्न बाजारों में खरीदारी होती रही। कपड़े, श्रृंगार और पूजन सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी। अब व्रत रखने वाली महिलाओं को शाम को चंद्रमा के दीदार का इंतजार है।

करवा चौथ की तैयारियों के तहत महिलाओं ने साड़ियां, सूट, चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, काजल और अन्य श्रृंगार सामग्री की खरीदारी की। मिट्टी के करवे, छलनी, पूजा की थाली, दीपक, रोली, अक्षत और धूप-बत्ती की भी मांग रही।

फल, मिठाई और सूखे मेवों की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

परंपरा के अनुसार, महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर व्रत का संकल्प लेंगी। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को स्वच्छ वस्त्र धारण कर सोलह श्रृंगार करेंगी।

पूजा स्थल पर करवा माता का चित्र या प्रतिमा स्थापित कर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का पूजन किया जाएगा। इसके बाद महिलाएं करवा चौथ की प्रचलित कथा सुनेंगी और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।

करवा चौथ की सबसे खास घड़ी चंद्रोदय के समय आएगी। चंद्रमा निकलने पर महिलाएं अर्घ्य अर्पित करेंगी। इसके बाद परंपरा के अनुसार छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखकर व्रत का पारण करेंगी।

पति के हाथों जल ग्रहण करने की इस परंपरा को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह पर्व पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और सुखी दांपत्य जीवन का प्रतीक है। पूजा और चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग के अनुसार रहेगा।