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— केंद्र निर्धारण में दूरी का मानक दरकिनार, 12 किमी की जगह 50 किमी दूर बनाए बोर्ड परीक्षा केंद्र

Sonbhadra। यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए केंद्र निर्धारण में दूरी के मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बोर्ड की ओर से अधिकतम 10 से 12 किलोमीटर की दूरी के मानक के बावजूद कई विद्यालयों के परीक्षा केंद्र 45 से 50 किलोमीटर दूर बनाए जाने का मामला सामने आया है। इससे छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों में नाराजगी है।
केंद्र निर्धारण के लिए विद्यालयों की भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध संसाधनों का सत्यापन कराया गया था। रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की प्रारंभिक सूची जारी की। हालांकि, आरोप है कि हवाई दूरी के आधार पर केंद्र निर्धारित किए गए, जबकि सड़क मार्ग से वास्तविक दूरी और क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया।

कई छात्रों को 40-50 किमी दूर जाना होगा;
म्योरपुर ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज सांगोबांध का केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज राबर्ट्सगंज बनाया गया है। दोनों विद्यालयों की हवाई दूरी करीब 12-13 किलोमीटर है, लेकिन रिहंद जलाशय के कारण सड़क मार्ग से दूरी लगभग 45 किलोमीटर हो जाती है। परीक्षा देने के लिए छात्रों को राबर्ट्सगंज पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
इसी तरह चोपन ब्लॉक के गोठानी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज का केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज म्योरपुर भेजा गया है। सड़क मार्ग से दोनों विद्यालयों के बीच दूरी करीब 50 किलोमीटर बताई गई है। वहीं, ओबरा, डाला, गुरमा आदि विद्यालयों के विद्यार्थियों का केंद्र भी दूर बनाए जाने से परेशानी बढ़ गई है।
छात्रों की संख्या आवंटन पर भी सवाल;
केंद्रों के निर्धारण में छात्र संख्या के आवंटन को लेकर भी सवाल उठे हैं। कई विद्यालयों की क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को केंद्र आवंटित किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर दुद्धी के राजकीय इंटर कॉलेज में करीब 1178, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 1173 और अन्य विद्यालयों में भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का आवंटन किया गया है।
कई विद्यालय प्रारंभिक सूची से बाहर;
प्रारंभिक सूची में ऐसे कई विद्यालयों को केंद्र नहीं बनाया गया है, जो पहले से परीक्षा केंद्र रहे हैं। इनमें सोनामील इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज, खलियारी तथा अन्य विद्यालय शामिल बताए गए हैं। इससे केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

आपत्तियां दर्ज कराने का मौका;
बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों की प्रारंभिक सूची जारी कर आपत्तियां मांगी गई हैं। विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को सूची का अवलोकन कर आपत्ति एवं सुझाव देने को कहा गया है। 28 अक्टूबर की शाम तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके बाद जिला स्तरीय समिति आपत्तियों का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लेगी।
फिलहाल केंद्र निर्धारण में सड़क मार्ग की वास्तविक दूरी, भौगोलिक कठिनाइयों और छात्र-छात्राओं की सुविधा को लेकर उठे सवालों पर संशोधन की उम्मीद जताई जा रही है।