संवाददाता@संदीप अग्रहरी….

आदिवासी संस्कृति, प्रकृति प्रेम और परंपराओं की अनूठी छटा के बीच के म्योरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुंडाडीह में पारंपरिक करमडार पूजा का आयोजन किया गया। आदिवासी मूलनिवासी महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में आदिवासी विरासत के संरक्षण तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।

करम पूजा सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। कार्यक्रम में इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया गया।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी, संस्कृति और परंपरा पर जोर:

कार्यक्रम में सोनभद्र के सांसद छोटेलाल खरवार, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, पूर्व विधायक हरिराम चेरो, पूर्व विधायक रामदुलार गोंड, म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गोंड और समाजसेवी संजय गोंड धुर्वे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा भाजपा जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष मोहरलाल खरवार, कार्यक्रम संरक्षक बबई सिंह गोंड, कार्यक्रम संयोजक जय मंगल उरैती, रासपहरी पूर्व प्रधान सुरतन देवी, सहकारी बैंक दुद्धी के अध्यक्ष रमा शंकर गोंड, जिला पंचायत सदस्य जनकधारी गोंड, अमरेश तिवारी और नरेंद्र सिंह गोंड सहित अन्य गणमान्य लोग एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रकृति से जुड़ाव, सामाजिक एकता का संदेश:
करम पूजा आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह प्रकृति के प्रति सम्मान, सामुदायिक सहयोग और पूर्वजों से मिली विरासत को सहेजने की प्रेरणा देती है। ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं।

विरासत बचेगी, तभी पहचान बचेगी:
कुंडाडीह में आयोजित करमडार पूजा ने आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के महत्व को रेखांकित किया। आयोजन के माध्यम से संदेश दिया गया कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी परंपराओं पर गर्व कर सकें।