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Ground Report Saharanpur : कभी उपेक्षित और गंदगी से भरे रहने वाले योगी लेक की यह यात्रा अनूठी है. ये बताती है कि अगर संसाधनों का सही इस्तेमाल किया जाए और युवाओं को प्रोत्साहन मिले, तो ग्रामीण इलाकों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकती हैं. इस पहल का उद्देश्य केवल तालाब का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि वर्षा जल संरक्षण के साथ ग्रामीण बच्चों और युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के मौके उपलब्ध कराना भी है. अब इस तालाब का सारा पानी सिर्फ बारिश का है. यहां अब बत्तख भी हैं, मछलियां भी हैं और बोट भी हैं. दिल्ली में 13वीं नेशनल ड्रैगन बोट चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाले यूपी के 48 खिलाड़ियों में से 16 ऐसे हैं, जो योगी लेक में प्रैक्टिस कर चुके हैं. इस टीम ने 1000 मीटर की मिक्स रेस में सिल्वर पदक जीता.
सहारनपुर. यूपी के सहारनपुर में ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में ग्राम पंचायत थरौली की योगी लेक एक प्रेरणादायक कहानी बनकर उभरी है. करीब डेढ़ साल पहले तक गंदगी से भरे तालाब को विकसित कर जल क्रीड़ा और ग्रामीण युवाओं के अभ्यास के लिए उपयोगी बनाने का सफर अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है. योगी लेक में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय ड्रैगन बोट चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश की पदक उपलब्धियों अहम योगदान दिया है. ग्राम प्रधान रीता चौधरी के नेतृत्व में योगी लेक को उपयोगी जलाशय और खेल गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए गए. इस पहल का उद्देश्य केवल तालाब का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि वर्षा जल संरक्षण के साथ ग्रामीण बच्चों और युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के मौके उपलब्ध कराना भी है.
नेशनल खेलने वाले यहां कर चुके अभ्यास
कभी उपेक्षित और गंदगी से भरे रहने वाले योगी लेक की यह यात्रा बताती है कि अगर संसाधनों का सही इस्तेमाल किया जाए और युवाओं को नियमित अभ्यास और प्रोत्साहन मिले, तो ग्रामीण इलाकों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं. दिल्ली की भलस्वा लेक में आयोजित 13वीं नेशनल ड्रैगन बोट चैंपियनशिप और चौथी पैरा नेशनल ड्रैगन बोट चैंपियनशिप में देश के 23 राज्यों से करीब 709 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. यूपी के 48 खिलाड़ी शामिल थे, जिनमें 16 खिलाड़ी ग्राम पंचायत थरौली की योगी लेक में अभ्यास कर चुके हैं.
इनाम के पैसे से खरीदी बोट
खिलाड़ी संदीप चौधरी लोकल 18 से बताते हैं कि ये तालाब कभी बहुत गंदा था. जलकुंभी और पूरे गांव की गंदगी भरी रहती थी. गांव के लोगों को साथ लेकर हम सबने इस तालाब को सुंदर बनाया है. अब इस तालाब का सारा पानी सिर्फ बारिश का है. यहां अब बत्तख भी हैं, मछलियां भी हैं और बोट भी हैं. जब हम इसकी सफाई कर रहे थे और यहां बोटिंग सीखा करते थे कुछ लोगों को ये मजाक लगता था. हमें पुरस्कार के रूप में जो पैसा मिला हमने उससे बोट खरीदी, ताकि हमारे गांव जिले के बच्चे आगे बढ़ें, वाटर स्पोर्ट्स में आगे जाएं. दिल्ली के भलस्वा लेक में 13वीं नेशनल ड्रैगन बोट चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाले यूपी के 48 खिलाड़ियों में से 16 ऐसे हैं जो योगी लेक में प्रैक्टिस कर चुके हैं. 1000 मीटर की मिक्स रेस में हमने सिल्वर मेडल जीता.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

