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UP Expressway Speed Limit: उत्तर प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने 1 नवंबर से गाड़ियों की रफ्तार घटाने का फैसला किया है. लखनऊ-आगरा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर 1 नवंबर से 15 फरवरी तक दिन और रात के लिए नई गति सीमा लागू होगी. तय सीमा से तेज गाड़ी चलाने वालों पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से कड़ी नजर रखी जाएगी और भारी चालान कटेगा.
यूपी के सभी एक्सप्रेसवे पर सारी गाड़ियों कीस्पीड लिमिट कम कर दी गईं हैं. (AI की मदद से तस्वीर बनाई गई है)
Expressway Speed Limit: उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ी और जरूरी अपडेट सामने आई है. यदि आप भी गाड़ी की रफ्तार के शौकीन हैं और अक्सर उत्तर प्रदेश के हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर फर्राटे भरते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है. सर्दी के मौसम में घने कोहरे और शीतलहर के चलते होने वाले भयानक सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की अधिकतम स्पीड सीमा घटा दी गई है, जो आगामी 1 नवंबर से प्रभावी हो जाएगी.
यूपीडा द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और हाल ही में चर्चा में आए गंगा एक्सप्रेसवे पर यह नई व्यवस्था लागू होगी. औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने इस नई समय-सारिणी को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 1 नवंबर से लेकर 15 फरवरी तक पूरे सर्दियों के सीजन के दौरान दिन और रात में वाहनों की गति सीमा अलग-अलग तय की गई है. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विजिबिलिटी कम होने पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है.
नई समय-सारिणी के मुताबिक, दो अलग-अलग टाइम स्लैब (सुबह 8 से रात 8 बजे और रात 8 से सुबह 8 बजे) बनाए गए हैं. सामान्य दिनों में जहां कारें 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती थीं, वहीं अब 1 से 15 नवंबर के बीच कारों की दिन में अधिकतम स्पीड 100 किमी और रात में 80 किमी प्रति घंटा होगी. इसके बाद 15 नवंबर से 15 फरवरी तक कड़ाके की ठंड और कोहरे को देखते हुए कारों की स्पीड घटाकर दिन में 80 और रात में 60 किमी प्रति घंटा कर दी जाएगी. इसी तरह बसों और भारी मालवाहक ट्रकों, डंपरों व ट्रेलरों के लिए भी दिन और रात की गति सीमा में भारी कटौती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
गति सीमा के नियमों का सख्ती से पालन करवाने के लिए यूपीडा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. एक्सप्रेसवे पर आधुनिक एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए तेज रफ्तार वाहनों की कड़ी निगरानी की जाएगी. यदि किसी चालक ने तय सीमा से अधिक स्पीड से गाड़ी चलाई, तो ट्रैफिक नियमों के तहत भारी भरकम चालान काटा जाएगा, जिससे आपकी जेब ढीली होना तय है. इसके अलावा सभी टोल प्लाजा पर पब्लिक अनाउंसमेंट (PA) सिस्टम के जरिए लगातार वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा और पेट्रोलिंग टीमें भी पूरी तरह सक्रिय रहेंगी.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए एक्सप्रेसवे के सभी प्रवेश व निकास बिंदुओं, टोल प्लाजा, और खतरनाक मोड़ों तथा पुलों के पास रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं. साथ ही एफएम चैनलों और रेडियो के जरिए भी लगातार सुरक्षा संबंधी परामर्श प्रसारित किए जाएंगे. प्रशासन की अपील है कि इस सर्दी के मौसम में सफर करते समय अपनी और अपने परिवार की जान बचाने के लिए निर्धारित गति सीमा का ही पालन करें और सुरक्षित यात्रा का आनंद लें.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …

