मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…

आठ सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी एकता ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी।

शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज स्थित एआरटी सेंटर में जिलाध्यक्ष सुनील कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में सम्मान समारोह आयोजित कर कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की। इस दौरान सीएमएस को मिठाई खिलाई गई और अतिथियों को माला पहनाकर सम्मानित किया गया।

जिलाध्यक्ष ने बताया की प्रदेश अध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव के आह्वान पर कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर 5 से 11 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इसके बाद 12 से 14 अक्टूबर तक प्रतिदिन दो घंटे कार्य बहिष्कार किया गया।

मांगें पूरी नहीं होने पर 15 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दिया गया। समाधान नहीं निकलने पर 16 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई, जिससे एचआईवी/एड्स संबंधी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई।

17 अक्टूबर को कर्मचारियों ने उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के आवास का घेराव किया। इसके बाद 21 अक्टूबर को दोबारा प्रदर्शन किया गया। काफी प्रयासों के बाद पांच पदाधिकारियों को मंत्री से मुलाकात का अवसर मिला।

कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिसके बाद लोक भवन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और प्रमुख सचिव के साथ वार्ता हुई। वार्ता में आठ मांगों पर सहमति बनने के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

सहमत मांगों में नौकरी की सुरक्षा, 30 लाख रुपये का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस, सभी कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाना, 20 प्रतिशत अतिरिक्त पारिश्रमिक के लिए राज्य सरकार से मांग, पारस्परिक स्थानांतरण की सुविधा, पिछले तीन वर्षों में हटाए गए कर्मचारियों की पुनर्बहाली तथा एचआईवी संक्रमित दवा ले रहे लोगों के लिए पेंशन व्यवस्था का प्रस्ताव शामिल है।

संगठन ने सहयोग के लिए स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव और विभागीय अधिकारियों का आभार जताया। समारोह में वाचस्पति मिश्रा, अमित शुक्ला, आशीष शुक्ला, अशोक कौशल, अभिजीत, अशोक सिंह, उमेश चौबे, मयंक पांडेय, ज्योति सिंह, प्रिया यादव, चंदन सिंह, अविनेश, अर्चना, गंगा और मुन्नी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
