Last Updated:
Best Cow Buffalo Breeds for Hot Climate: अगर आप बुंदेलखंड में गाय या भैंस पालकर कमाई करना चाहते हैं, तो सबसे पहले सही नस्ल का चुनाव करना जरूरी है. यहां गर्मी और पानी की कमी को देखते हुए पशु खरीदने से पहले उसके दूध देने की क्षमता, कीमत और पालन पर होने वाले खर्च का हिसाब लगा लेना चाहिए. साहीवाल, गिर और केनकथा गाय के साथ भदावरी भैंस भी पशुपालकों के लिए विकल्प हो सकती हैं. पशु विशेषज्ञ तान्या बंसल के अनुसार, पशु खरीदते समय उसकी सेहत और दूध देने की क्षमता की जांच जरूर करनी चाहिए. आइए जानते हैं बुंदेलखंड के मौसम में कौन-सी नस्ल आपके लिए बेहतर हो सकती है और उसे पालने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
बुंदेलखंड में गाय या भैंस पालने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले यहां के मौसम और अपने पास मौजूद संसाधनों को समझ लें. गर्मियों में तेज धूप, पानी की कमी और चारे का इंतजाम पशुपालन में बड़ी भूमिका निभाता है. ऐसे में साहीवाल, गिर और केनकथा गाय के साथ भदावरी भैंस भी विकल्प हो सकती हैं. नस्ल चुनते समय यह जरूर देखें कि पशु कितना दूध देता है, उसकी कीमत कितनी है और उसे पालने में कितना खर्च आएगा.
साहीवाल गाय अच्छी दूध देने वाली देशी नस्लों में गिनी जाती है. इसकी खासियत है कि यह गर्म मौसम में भी खुद को ढाल सकती है. इससे रोज करीब 8 से 12 लीटर दूध मिल सकता है. इसकी कीमत लगभग 60 हजार से 1 लाख 20 हजार रुपये तक हो सकती है. हालांकि, कीमत गाय की उम्र और दूध देने की क्षमता पर निर्भर करती है. बुंदेलखंड में इसे पालने के लिए अच्छे चारे, साफ पानी और गर्मी से बचाव का इंतजाम करना जरूरी है.
केनकथा बुंदेलखंड की स्थानीय परिस्थितियों से जुड़ी देशी गाय की नस्ल है. कम संसाधनों में पशुपालन शुरू करने की सोच रहे लोगों के लिए यह एक विकल्प हो सकती है. इससे रोज करीब 2 से 5 लीटर दूध मिलने का अनुमान है. इसकी कीमत लगभग 15 हजार से 40 हजार रुपये तक हो सकती है. इसका दूध उत्पादन दूसरी दुधारू नस्लों से कम है, लेकिन कम बजट में शुरुआत करने वाले पशुपालक इस पर विचार कर सकते हैं. गाय खरीदने से पहले उसकी सेहत और दूध देने की क्षमता की जांच जरूर करें.
Add News18 as
Preferred Source on Google
गुजरात की गिर गाय अपनी दूध देने की क्षमता के लिए जानी जाती है. अच्छी देखभाल मिलने पर इससे रोज करीब 8 से 12 लीटर दूध मिल सकता है. इसकी कीमत लगभग 70 हजार से 1 लाख 50 हजार रुपये तक हो सकती है. गाय की उम्र, सेहत और दूध उत्पादन के हिसाब से कीमत बदल सकती है. बुंदेलखंड में इसे पालने से पहले चारे और पानी का इंतजाम देख लें. गर्मियों में गाय को धूप से बचाने के लिए छायादार जगह दें और उसके खानपान का भी ध्यान रखें.
भदावरी भैंस के दूध में वसा की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह पशुपालकों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है. इससे रोज करीब 4 से 8 लीटर दूध मिल सकता है. इसकी कीमत लगभग 50 हजार से 1 लाख 20 हजार रुपये तक हो सकती है. हालांकि, पशु की उम्र, सेहत और दूध उत्पादन के हिसाब से कीमत में अंतर आता है. इसे पालने से पहले पानी और चारे की उपलब्धता देख लें. साथ ही, गर्मियों में भैंस को ठंडा रखने और उसके लिए हवादार जगह का इंतजाम करना भी जरूरी है.
बुंदेलखंड में गर्मी और पानी की कमी को देखते हुए पशु की नस्ल का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए. कम बजट और सीमित संसाधनों में केनकथा गाय का विकल्प देखा जा सकता है, जबकि दूध उत्पादन के लिए साहीवाल और गिर गाय पर विचार कर सकते हैं. वहीं, भदावरी भैंस के दूध में वसा की मात्रा अधिक होती है, लेकिन उसके पालन के लिए पानी और गर्मी से बचाव का इंतजाम जरूरी है. इसलिए पशु खरीदने से पहले अपनी जरूरत, बजट और चारे-पानी की उपलब्धता का हिसाब जरूर लगा लें.
पशुपालन में कमाई का अंदाजा लगाने के लिए सिर्फ पशु की कीमत देखना काफी नहीं है. उसके चारे, दाने, इलाज और दूसरी जरूरतों पर भी हर महीने खर्च होता है. इसके अलावा, अपने इलाके में गाय और भैंस के दूध का भाव पता कर लें. भदावरी भैंस के दूध में वसा ज्यादा होने से कुछ बाजारों में अच्छा भाव मिल सकता है, लेकिन यह स्थानीय डेयरी की भुगतान व्यवस्था पर निर्भर करता है. दूध बेचने से होने वाली आमदनी में से सभी खर्च घटाने के बाद ही असली कमाई का पता चलेगा.
पशु विशेषज्ञ तान्या बंसल के अनुसार, बुंदेलखंड में गाय या भैंस खरीदने से पहले वहां के मौसम और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखना चाहिए. पशुपालक अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से नस्ल चुनें और चारे-पानी का इंतजाम पहले से कर लें. पशु खरीदते समय उसकी उम्र, सेहत, टीकाकरण और दूध देने की क्षमता की जांच करना जरूरी है. केवल ज्यादा दूध देने के दावे पर भरोसा न करें, बल्कि अपनी मौजूदगी में दूध निकलवाकर उसकी मात्रा भी देख लें. पशु को स्वस्थ रखने के लिए हरा चारा, सूखा चारा और संतुलित आहार दें. गर्मियों में साफ पानी और छायादार जगह की व्यवस्था भी रखें.
