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फिल्म ‘दूसरा’ के जरिये उन हजारों-लाखों लोगों की संवेदनाओं को बयां करने की कोशिश हुई है, जो तारा नाम की लड़की की तरह अपनी पहचान पाने की कोशिश कर रहे हैं. फिल्म में क्रिकेट और सौरभ गांगुली ‘मेटाफर’ की तरह इस्तेमाल हुए हैं, जो इमोशनल कहानी को आगे बढ़ाते हैं. फिल्म का किरदार कैसे खुद को सौरभ गांगुली के स्ट्रगल से कनेक्ट करके देखता है, यह सराहनीय है. मगर सौरभ गांगुली ने आरोप लगाया है कि मेकर्स ने उनकी निजी और कमर्शियल राइट्स का उल्लंघन किया है. उन्होंने फिल्म की रिलीज रोकने के लिए कोर्ट का रुख किया, मगर उन्हें यहां निराशा हाथ लगी. हालांकि, फिल्म के खिलाफ उनकी याचिका पर कोर्ट में सुनवाई बंद नहीं हुई है.
‘दूसरा’ को रिलीज नहीं होने देना चाहते थे सौरभ गांगुली (फोटो साभार: YouTube/Videograb)
नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली ने फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज को रोकने की कोशिश की, मगर दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी उम्मीद के उलट फैसला सुनाया. कोर्ट ने रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जो 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. कोर्ट ने भले फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज पर रोक नहीं लगाई, मगर वह शुक्रवार 23 अक्टूबर को सौरव गांगुली की याचिका पर सुनवाई करेगा. गांगुली ने कोर्ट में याचिका दायर करके आरोप लगाया है कि फिल्म ‘दूसरा’ उनकी पहचान और क्रिकेट करियर से जुड़ी चीजों का इस्तेमाल करके उनके निजी और कमर्शियल राइट्स का उल्लंघन करती है.
फिल्म ‘दूसरा’ तारा नाम की लड़की की कहानी है जो समाज के नियम-कायदों के खिलाफ जाकर अपनी पहचान को पाने की कोशिश करती है. वह क्रिकेटर सौरभ गांगुली की फैन की तरह नजर आती है, जिनके क्रिकेटिंग करियर में आई चुनौतियां कहीं-न-कहीं उसकी जिंदगी की मुश्किलों को जाहिर करती है. वह भी सौरभ गांगुली की तरह हर मुश्किल से पार पाती जाती है. तारा अपने मन के डर, समाज की बंदिशों के पार जाकर खुद को मुक्त करती है.
तारा के लिए सौरभ गांगुली हैं रोल मॉडल
फिल्म ‘दूसरा’ में 2002 की नेटवेस्ट सीरीज में सौरव गांगुली के जश्न को दर्शाया गया है. फिल्म में दिग्गज क्रिकेटर का जश्न इमोशनल विस्तार के रूप में आता है, ताकि फिल्म के किरदार की भावनाओं को बयां किया जा सके, जो अपनी निजी अभिव्यक्ति के खातिर समाज के विरोध, अपेक्षाओं का सामना करने की हिम्मत जुटाता है. तारा एक रूढ़िवादी परिवार में पली-बढ़ी है. वह अपने ऊपर लगाई गई पाबंदियों से जूझ रही है. वह टीवी पर गांगुली का नेटवेस्ट सीरीज में जश्न देखकर उनसे काफी प्रेरित होती है. वह भी तय नियमों को मानने से इनकार कर देती है और अपनी जिंदगी से जुड़े नियमों को चुनौती देने की हिम्मत जुटाने लगती है. फिल्म का क्लाइमैक्स आपको सोचने पर मजबूर कर देता है. जेहन में कई सवाल छोड़ जाता है. कहीं-न-कहीं वो राह दिखाता है, जो आपके वजूद के लिए मुश्किल सही, पर सही है
प्लाबिता बोरठाकुर ने निभाया है तारा का रोल
फिल्म क्रिकेट के उस पल को एक ‘मेटाफर’ की तरह इस्तेमाल करती है, जो बताती है कि जब आप निजी अभिव्यक्ति के खातिर समाज के खिलाफ खड़े होते हैं, तो आपको किस तरह के परिणाम भुगतने पड़ते हैं. फिल्म में तारा की कहानी को डॉक्युमेंट्री के अंदाज में बयां किया गया है जो पेशे से एक पत्रकार है. फिल्म ‘दूसरा’ में प्लाबिता बोरठाकुर ने तारा के अहम किरदार निभाया है. फिल्म में उनके अलावा अंकुर विकल, समिधा गुरु, त्विशा सीमा और कृष्णा गोकानी अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म को अभिनय देव ने डायरेक्ट किया है. इसे माशा सजदेह और रोहन सजदेह ने प्रोड्यूस किया है, जबकि नीता शाह इसकी को-प्रोड्यूसर हैं. फिल्म की कहानी और स्क्रिप्ट एग्नेलो ओस्विन डायस ने लिखी है, जबकि फिल्म का ओरिजिनल स्कोर राम संपत ने तैयार किया है.
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अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…

