नई दिल्ली. मशहूर गायक दलेर मेहंदी को उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में अपनी परफॉर्मेंस के दौरान हुए विवाद के बाद मनोरंजन जगत से पूरी तरह समर्थन मिल रहा है. इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए गायिका इला अरुण खुलकर उनके समर्थन में उतरी हैं. इला अरुण ने मंच पर दलेर मेहंदी के साथ हुए दुर्व्यवहार को बेहद निंदनीय और अपमानजनक करार दिया. उन्होंने कहा कि इस वाकये से पूरी संगीत इडंस्ट्री और फैंस आहत हैं. उन्होंने दलेर मेहंदी की तारीफ करते हुए उन्हें इस कड़वे अनुभव को दिल से न लगाने की सलाह दी है.
आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में इला अरुण ने कहा, ‘हमारी फिल्म इंडस्ट्री, दर्शक और संगीत जगत के लोग बहुत दुखी और नाराज हैं. दलेर मेहंदी हमारे लिए सिर्फ एक करीबी दोस्त ही नहीं, बल्कि भाई की तरह हैं. वह एक दिग्गज कलाकार हैं. सूफी और पंजाबी संगीत को लोकप्रिय बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है. हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि वहां क्या हुआ, लेकिन उन पर जो आरोप लगाए गए और जिस तरह से उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया या उनसे बात की गई, वह बिल्कुल सही नहीं था.’
निजी तौर पर सुलझाया जा सकता था मामला
इला ने कहा कि अगर आयोजकों या प्रायोजकों को गायक की तबीयत को लेकर कोई चिंता थी तो वे मंच पर सबके सामने बात करने के बजाय उनके सचिव से निजी तौर पर बात करके इस मामले को सुलझा सकते थे. उन्होंने कहा, ‘अगर आयोजकों या प्रायोजकों को कोई चिंता थी तो वे उनके सचिव को बुलाकर निजी तौर पर बात कर सकते थे. वे कह सकते थे कि शायद वह परफॉर्म करने की स्थिति में नहीं हैं. यह आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसी स्थितियों को सही ढंग से संभालें और सभी का ख्याल रखें.’
दलेर मेहंदी की सेहत को लेकर जताई चिंता
कलाकारों को स्वभाव से संवेदनशील बताते हुए इला ने कहा कि इस घटना से उन्हें गहरा सदमा लगा है और वह बहुत दुखी हैं. उन्होंने गायक की सेहत को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इस स्थिति के गंभीर परिणाम हो सकते थे. उन्होंने कहा, ‘मंच पर उनके साथ जो हुआ, वह अपमानजनक और बेहद निंदनीय है. इस तरह के बर्ताव का कोई औचित्य नहीं है. आयोजकों को जो भी चिंताएं या असहमति थी, उसे निजी तौर पर पर्दे के पीछे सुलझाया जा सकता था. दलेर भाईजी के लाखों प्रशंसक और फॉलोअर्स हैं. अगर उन्हें हार्ट अटैक आ जाता तो क्या होता? वह इतने महान कलाकार हैं.’
कलाकातर के लिए सम्मान सबसे जरूरी चीज
गायिका ने आगे कहा कि भले ही किसी कलाकार को तबीयत ठीक न होने पर परफॉर्म नहीं करना चाहिए, लेकिन इस स्थिति को और अधिक सम्मानजनक तरीके से संभाला जाना चाहिए था. दलेर से सीखी गई बातों को याद करते हुए इला ने बताया कि उन्होंने उन्हें सम्मान का महत्व और एक कलाकार का दर्शकों के साथ जो रिश्ता होता है, उसकी अहमियत सिखाई है. उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है. उन्होंने मुझे सिखाया है कि सम्मान सबसे जरूरी चीज है और एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी दौलत उसके दर्शकों और सुनने वालों का प्यार है. अगर कभी ऐसी स्थिति आए तो इंसान को अपने आत्म-सम्मान से समझौता नहीं करना चाहिए और ऐसे में परफॉर्म न करने का फैसला लेना चाहिए, लेकिन उनके साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया, उससे हम बेहद नाराज हैं.’

