भोजपुर: बिहार की सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी टीम में जगह बनाने के लिए पूरे राज्य के खिलाड़ियों के बीच मुकाबला होता है. अलग-अलग जिलों से आने वाले खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, अभ्यास और निशाने की सटीकता के दम पर चयन हासिल करने की कोशिश करते हैं. लेकिन इस बार सीनियर स्टेट सेलेक्शन ट्रायल का परिणाम भोजपुर जिले के लिए बेहद खास रहा. इंडियन राउंड के पुरुष और महिला वर्ग में बिहार टीम के लिए चयनित सभी आठ खिलाड़ी अकेले भोजपुर जिले के हैं. यानी जिस टीम में पूरे बिहार से आठ खिलाड़ियों का चयन होना था, उस पूरी सूची में भोजपुर के खिलाड़ियों ने अपना दबदबा कायम कर दिया. इतना ही नहीं, रिकर्व राउंड में भी भोजपुर के दो खिलाड़ियों ने बिहार टीम में जगह बनाई है.
आठ खिलाड़ियों का चयन बड़ी उपलब्धि
यह उपलब्धि केवल आठ खिलाड़ियों के चयन की कहानी नहीं है, बल्कि उस मेहनत, अनुशासन और प्रशिक्षण की कहानी भी है. जिसके दम पर भोजपुर के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भोजपुर में ऐसा क्या हो रहा है कि यहां के खिलाड़ी एक साथ राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुने जा रहे हैं? उनकी ट्रेनिंग कैसे होती है? अभ्यास के दौरान उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? और सीमित संसाधनों के बीच उनके निशाने को सटीक बनाने में कोच की क्या भूमिका है?
चयन ट्रायल में भोजपुर के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
शिलांग, मेघालय में आयोजित होने वाली सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, कंकड़बाग, पटना में सीनियर स्टेट सेलेक्शन ट्रायल आयोजित किया गया था. इस चयन प्रतियोगिता में भोजपुर जिले के कुल 15 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के आधार पर बिहार टीम में जगह बनाने के लिए पूरा जोर लगाया. ट्रायल के परिणाम सामने आए तो इंडियन राउंड के पुरुष और महिला वर्ग में भोजपुर के खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि चयनित सभी आठ स्थानों पर जिले के खिलाड़ियों ने कब्जा जमा लिया.
पुरुष और महिला वर्ग में इनका हुआ चयन
पुरुष वर्ग में आयुष कुमार, शुभम समीर, श्रेयस कुमार और पीयूष केसरी का चयन हुआ. महिला वर्ग में पूजा कुमारी ने प्रथम, सपना कुमारी ने द्वितीय, संस्कृति कुमारी ने तृतीय और शोनी कुमारी ने चतुर्थ स्थान हासिल किया. इस तरह इंडियन राउंड के पुरुष और महिला वर्ग में बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी आठ खिलाड़ी भोजपुर जिले से हैं. रिकर्व राउंड में भी भोजपुर ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. इस वर्ग में सामर्थ कुमार ने प्रथम और शुभम कुमार ने द्वितीय स्थान हासिल कर बिहार टीम में जगह बनाई. इस तरह भोजपुर के कुल 10 खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में चयन हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है.
आखिर कैसे तैयार हो रहे हैं राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज?
भोजपुर के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के पीछे उनकी लगातार मेहनत और अभ्यास की अहम भूमिका है. तीरंदाजी ऐसा खेल है, जिसमें केवल ताकत के सहारे सफलता हासिल नहीं की जा सकती. इसके लिए शरीर का संतुलन, आंखों और हाथों के बीच तालमेल, एकाग्रता, सही तकनीक और मानसिक नियंत्रण बेहद जरूरी होते हैं. निशाना साधते समय खिलाड़ी की छोटी-सी गलती भी परिणाम बदल सकती है. इस सफलता के पीछे प्रशिक्षण की सटीक दिनचर्या, अभ्यास के घंटे, उपलब्ध उपकरणों और मैदान की वास्तविक स्थिति को समझना भी जरूरी है. इन्हीं पहलुओं से पता चल सकता है कि यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की चुनौती के लिए किस तरह खुद को तैयार करते हैं.
अब शिलांग में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे भोजपुर के खिलाड़ी
सीनियर स्टेट सेलेक्शन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब चयनित खिलाड़ियों के सामने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपना कौशल दिखाने की चुनौती होगी. शिलांग, मेघालय में होने वाली सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में ये खिलाड़ी बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे. राज्य स्तरीय चयन में सफलता हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले अनुभवी खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा और कठिन होगी. ऐसे में भोजपुर के खिलाड़ियों को अपने अभ्यास, तकनीक और मानसिक मजबूती पर लगातार काम करना होगा.
जिला खेल पदाधिकारी मीनू कुमारी, जिलाधिकारी भोजपुर, तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष यशवंत नारायण, संरक्षक संजय मिश्रा, उपाध्यक्ष कुमार मंगलम, संयुक्त सचिव शोनी कुमारी, कुमार विजय और अन्य खेलप्रेमियों ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. सभी ने उम्मीद जताई है कि खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बिहार और भोजपुर का नाम रोशन करेंगे.

