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Ayodhya News: महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर राम मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा. इस दौरान षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन किया जाएगा. हिंदू धर्म में षोडशोपचार पूजन का विशेष महत्व माना जाता है. इसमें भगवान या आराध्य के पूजन के लिए सोलह प्रकार के उपचार अर्पित करने की परंपरा है.
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाने की तैयारी की जा रही है. इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा. राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जयंती समारोह को भव्य और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है. धार्मिक अनुष्ठानों के साथ समाज के विभिन्न लोगों को भी इस समारोह में आमंत्रित किया जाएगा. मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का अवसर होगा.
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने बताया कि इस बार 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती बहुत ही अच्छे ढंग से मनाई जाएगी. इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि इस आयोजन की जिम्मेदारी ट्रस्ट की नवनियुक्त न्यासी डॉ. निर्मला यादव को सौंपी गई है. उनकी देखरेख में जयंती समारोह की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी. डॉ. निर्मला यादव स्वयं उपस्थित रहकर कार्यक्रम को बेहतर तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी निभाएंगी.
षोडशोपचार विधि से होगा महर्षि वाल्मीकि का पूजन
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर राम मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा. इस दौरान षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन किया जाएगा. हिंदू धर्म में षोडशोपचार पूजन का विशेष महत्व माना जाता है. इसमें भगवान या आराध्य के पूजन के लिए सोलह प्रकार के उपचार अर्पित करने की परंपरा है. इसी विधि के अनुसार महर्षि वाल्मीकि का पूजन कर श्रद्धा व्यक्त की जाएगी.
समाज के लोगों और संतों को किया जाएगा आमंत्रित
महर्षि वाल्मीकि जयंती के इस आयोजन में समाज के लोगों के साथ-साथ संत-महात्माओं को भी आमंत्रित किया जाएगा. गोविंद देव गिरि ने बताया कि रविदास आश्रम के महंत महाराज को भी समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा. इसके अलावा समाज के अन्य लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने की योजना है. राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से सभी उत्सवों और धार्मिक कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से आयोजित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसी क्रम में महर्षि वाल्मीकि जयंती को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं.
महर्षि वाल्मीकि को रामायण के रचयिता के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है. भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा का वर्णन करने वाले महर्षि वाल्मीकि का भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान है. अयोध्या भगवान श्रीराम की नगरी है, इसलिए यहां राम मंदिर परिसर में उनकी जयंती मनाया जाना धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है.

