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Chitrakoot Travel Route: प्रभु श्रीराम की पावन तपोस्थली चित्रकूट में दीपावली का महापर्व बेहद अलौकिक और भव्य होने जा रहा है. मंदाकिनी नदी के तट पर सजने वाले ऐतिहासिक दीपदान मेले में इस बार भी देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं का रेला उमड़ेगा. यदि आप भी इस अलौकिक अवसर पर रामघाट में दीपदान कर पुण्य लाभ अर्जित करना चाहते हैं, तो यात्रा की योजना बनाने से पहले दिल्ली, मुंबई, प्रयागराज सहित प्रमुख शहरों से चित्रकूट पहुँचने के सबसे सुगम ट्रेन, बस और सड़क मार्गों की यह पूरी गाइड ज़रूर देख लें.
Chitrakoot Travel Route: धर्मनगरी चित्रकूट प्रभु श्रीराम की तपोस्थली के रूप में जानी जाती है. यहां हर रोज़ हज़ारों की संख्या में भक्त आते हैं और रामघाट में स्नान कर कामतानाथ के दर्शन के बाद तमाम मठ-मंदिरों के दर्शन भी करते हैं. ऐसे में दीपावली का पर्व चित्रकूट के लिए बेहद खास होने वाला है.
दीपावली के पर्व में चित्रकूट में लाखों श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में अगर आप भी दीपावली के मेले में चित्रकूट आ रहे हैं, तो आप हमारे द्वारा बताए गए इन रास्तों के अनुसार आसानी से चित्रकूट के दीपदान स्थल तक पहुंच सकते हैं और दिवाली में होने वाले दीपदान का आनंद ले सकते हैं.
अगर आप दिल्ली, मथुरा, आगरा, झांसी की तरफ से चित्रकूट आ रहे हैं, तो आप ट्रेन के माध्यम से चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन तक आ सकते हैं. इसके बाद आप रेलवे स्टेशन के बाहर चलने वाली प्राइवेट टैक्सी में बैठकर मात्र 20 रुपये में ही रामघाट पहुंच जाएंगे, जहां मां मंदाकिनी नदी में दीपदान होता है.
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अगर आप मुंबई, जबलपुर, मैहर, सतना की तरफ से चित्रकूट आ रहे हैं, तो आप ट्रेन के माध्यम से चित्रकूट के मानिकपुर जंक्शन स्टेशन पहुंच सकते हैं. इसके बाद आप बस या वहां से चलने वाली ट्रेन के माध्यम से चित्रकूट धाम कर्वी पहुंचेंगे. मानिकपुर से चित्रकूट की दूरी की बात की जाए, तो उसकी दूरी लगभग 30 किलोमीटर है.
जानकारी के लिए बता दें कि चित्रकूट में लगभग 5 दिनों तक दीपदान का मेला चलता है. इसमें अलग-अलग ज़िलों के लाखों भक्त पहुंचते हैं. अगर आप रोड के माध्यम से चित्रकूट आना चाहते हैं, तो कई रूटों के ज़रिये पहुंच सकते हैं.
अगर आप प्रयागराज से चित्रकूट आ रहे हैं, तो सड़क मार्ग से अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं. प्रयागराज से श्रद्धालु शंकरगढ़, मऊ और आसपास के प्रमुख मार्गों से होते हुए चित्रकूट की ओर पहुँच सकते हैं और आसानी से 120 किलोमीटर का सफ़र तय कर सकते हैं.
ऐसे में अगर आप भी दीपावली के पर्व में दीपदान करने आ रहे हैं, तो ट्रेन, बस और अपने वाहन से आसानी से पहुंच सकते हैं और इस पावन पर्व में शामिल हो सकते हैं. यह वही पावन नगरी है जहाँ प्रभु श्रीराम ने वनवास काल के साढ़े ग्यारह वर्ष बिताए थे.

