मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…
…14 वर्ष बाद प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने की लीला देखने उमड़े हजारों श्रद्धालु, पुष्पवर्षा और आतिशबाजी से जगमगाया नगर

असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व मंगलवार को रॉबर्ट्सगंज नगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शाम करीब चार बजे राम-रावण युद्ध की लीला शुरू हुई। एक ओर रथ पर सवार रावण अपनी राक्षसी सेना के साथ था, तो दूसरी ओर प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और वानरी सेना युद्ध कर रही थी।

विभीषण द्वारा रावण की नाभि में अमृत होने का रहस्य बताए जाने पर प्रभु श्रीराम ने बाण चलाकर उसका अंत किया। रावण का पुतला धू-धूकर जल उठा और पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

रावण वध के बाद श्रीराम और माता सीता का मिलन हुआ। इसके बाद 14 वर्ष का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे। इसी क्रम में रॉबर्ट्सगंज नगर के शीतला मंदिर चौक पर रात करीब नौ बजे भरत मिलाप की लीला का आयोजन किया गया। इसे देखने के लिए हजारों श्रद्धालु घंटों से प्रतीक्षा कर रहे थे।
भरत मिलाप के मंचन में दिखाया गया कि 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रभु श्रीराम के नहीं लौटने से भरत व्याकुल थे। उधर, प्रभु श्रीराम भी अपने अनुज भरत से मिलने के लिए आतुर थे। पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचने की सूचना मिलते ही भरत नंगे पांव दौड़ते हुए प्रभु श्रीराम के पास पहुंचे।

दोनों भाइयों का भावपूर्ण मिलन होते ही पूरा चौक जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। चारों ओर पुष्पवर्षा होने लगी और श्रद्धालु भावुक हो उठे।

इसके बाद भरत प्रभु श्रीराम को दरबार में ले गए, जहां 14 वर्षों से उनकी चरण पादुकाएं रखकर पूजा की जा रही थी। प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और पवनपुत्र हनुमान की मनमोहक झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह दिखा। लोगों ने इस अलौकिक दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।

कार्यक्रम में आयोजक चंदन केसरी, सदर विधायक भूपेश चौबे, श्रीरामलीला समिति के संरक्षक जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष पवन जैन, उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता और क्षेत्राधिकारी सदर रणधीर मिश्रा सहित समिति के अन्य पदाधिकारियों एवं नागरिकों ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी। श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में नगर रोशनी से जगमगा उठा और आतिशबाजी की गई।

कार्यक्रम के अंत में समिति के संरक्षक जितेंद्र सिंह ने सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार जताया।

नवरात्रि मेले की भीड़ के बीच नगर के मुख्य चौराहे पर आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में पुलिस प्रशासन की भूमिका की सराहना की गई। यातायात व्यवस्था नियंत्रित रहने से श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी नहीं हुई।