नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में गोवा में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया. 8 अक्टूबर को उन्होंने अंतिम सांस ली. नाना का जाना सिर्फ परिवार के लिए ही नहीं बल्कि फैंस के लिए भी शौकिंग था. निधन से ठीक 4 दिन पहले उन्हें लोगों ने गोवा के एक मंच पर बिलकुल ठीक-ठाक देखा था. 8 अक्टूबर को ही देर रात राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. अब पिता के निधन के बाद गम में डूबे उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अपने माता-पिता के रिश्ते के वो राज खोले, जो दुनिया नहीं जानती. उन्होंने बचाया कि क्यों अलग-अलग होने के बाद भी उन्होंने तलाक नहीं लिया. उन्होंने ये भी बताया कि अंतिम समय में भी उनके पिता अकेले नहीं थे.
कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जिन्हें साथ रहने या दूरियां बढ़ने के पैमाने पर नहीं मापा जा सकता. वक्त के साथ रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन दिलों में बसा अपनापन हमेशा कायम रहता है. दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर और उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर की जिंदगी भी कुछ ऐसी ही थी. दोनों करीब 35 साल से अलग रह रहे थे, लेकिन उन्होंने कभी कानूनी तौर पर तलाक नहीं लिया. नाना के अंतिम संस्कार में नीलकांति की मौजूदगी के बाद उनके रिश्ते को लेकर एक बार फिर चर्चाएं शुरू हो गईं. अब हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उनके बेटे और फिल्ममेकर मल्हार पाटेकर ने माता-पिता के रिश्ते, परिवार के आपसी जुड़ाव और पिता के आखिरी दिनों को लेकर कई अहम बातें साझा की हैं.
नाना पाटेकर और नीलकांति अलग-अलग रहते थे. लेकिन तलाक नहीं लिया.
35 साल की दूरी, लेकिन दिलों में कायम रहा प्यार
नाना पाटेकर और नीलकांति ने 1978 में शादी की थी. उनके दो बेटे हुए, दुर्वासा और मल्हार. हालांकि, दुर्वासा का बचपन में ही निधन हो गया था. वक्त के साथ नाना और नीलकांति अलग रहने लगे, लेकिन उनके रिश्ते का कानूनी अंत नहीं हुआ. उनके बेटे मल्हार के मुताबिक, बाहर से किसी रिश्ते की असलियत का अंदाजा लगाना आसान नहीं होता. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनके माता-पिता से उन्हें बचपन में ही मजबूती और मुश्किलों का सामना करने की सीख मिली. मल्हार ने कहा कि उनका परिवार भावनात्मक रूप से हमेशा एक-दूसरे से जुड़ा रहा. उन्हें अपने माता-पिता, चाचा और कजिन्स से भरपूर प्यार मिला. उनके लिए यही सबसे ज्यादा मायने रखता है कि परिवार के सदस्यों के बीच कैसा रिश्ता है, न कि दुनिया उनके बारे में क्या सोचती है.
नाना पाटेकर 75 साल के थे.
‘तस्वीरें साझा नहीं करते तो इसका मतलब यह नहीं कि प्यार नहीं’
मल्हार ने सोशल मीडिया पर अपने परिवार को लेकर फैल रही बातों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई परिवार इंस्टाग्राम पर साथ तस्वीरें साझा नहीं करता, तो इसका मतलब यह कैसे हो सकता है कि उसके सदस्यों के बीच प्यार नहीं है. उन्होंने साफ किया कि उनके माता-पिता अलग रहने के बावजूद अच्छे संबंधों में थे. मल्हार के मुताबिक, किसी रिश्ते की पूरी कहानी बाहर से दिखाई नहीं देती. उनके माता-पिता के बीच सालों पुराना भावनात्मक जुड़ाव था और परिवार के लोगों ने हमेशा एक-दूसरे का साथ दिया. उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज किया, जिनमें नाना के अंतिम दिनों में अकेले होने की बातें कही जा रही थीं.
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात में ही उनके फार्म हाउस पर किया गया. फाइल फोटो.
पिता के आखिरी पलों को याद कर बेटे ने क्या बताया?
मल्हार ने पिता के आखिरी घंटों को याद करते हुए बताया कि नाना गोवा में थे. उनके चचेरे भाई प्रसाद, जो उनके मनोरंजन जगत से जुड़े कामकाज और बैठकों को संभालते थे, नाना के कहने पर मुंबई चले गए थे. अगले दिन नाना को माधुरी दीक्षित के साथ ‘केबीसी मराठी’ की शूटिंग करनी थी. मल्हार ने यह भी बताया कि उनके भाई अमय, नाना को घर के ऊपरी हिस्से में व्यवस्थित करने के बाद ही वहां से निकले थे. मल्हार के मुताबिक, परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेशा नाना के साथ रहता था. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके पिता कभी अकेले नहीं थे और परिवार ने आखिरी दिनों में भी उनका साथ नहीं छोड़ा.
75 साल की उम्र में भी ढाई घंटे करते थे वर्कआउट
नाना पाटेकर अपनी दमदार अदाकारी के साथ अनुशासित लाइफस्टाइल के लिए भी जाने जाते थे. मल्हार ने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उनके पिता बेहद एक्टिव थे. वह जिम में करीब ढाई घंटे तक वर्कआउट करते थे. मल्हार के मुताबिक, उनकी फिटनेस का स्तर ऐसा था, जिसे बनाए रखना कई युवाओं के लिए भी आसान नहीं है.

