हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में श्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने हाथों में गुलाब के फूल लेकर डीएम से मुलाकात की. जेन-जी छात्रों ने कॉलेज के प्रिंसिपल रामनिवास श्रीवास और संबंधित शिक्षकों पर मोबाइल फोन जब्त करने, मोबाइल वापस करने के लिए 500 रुपये जुर्माना मांगने, अभद्र व्यवहार, मारपीट और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. विद्यार्थियों के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
हमीरपुर में छात्रों ने अपनी शिकायत प्रशासन तक पहुंचाने के लिए गांधीगिरी का रास्ता अपनाया. हाथों में गुलाब के फूल लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे विद्यार्थियों ने कॉलेज में कथित तौर पर हुई घटनाओं की जानकारी दी. छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में उनके मोबाइल फोन जब्त किए गए और परीक्षा के बाद फोन वापस करने के लिए 500 रुपये जुर्माना मांगा गया.
विद्यार्थियों ने इस कथित कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए मामले की जांच की मांग की. हालांकि, जुर्माने की मांग और मोबाइल जब्त किए जाने के संबंध में कॉलेज प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है.
प्रधानाचार्य और शिक्षकों पर अभद्रता के आरोप
विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्य रामनिवास श्रीवास और संबंधित शिक्षकों पर गाली-गलौज तथा अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है. छात्रों का दावा है कि विरोध करने पर एक विद्यार्थी के साथ मारपीट भी की गई. इन आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जानकारी या जांच के आधिकारिक निष्कर्ष उपलब्ध नहीं हैं.
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कॉलेज से रस्टिकेट करने और परीक्षा में फेल करने की धमकी दी गई. विद्यार्थियों के मुताबिक, छात्र नेता अभय प्रताप सिंह के खिलाफ गवाही देने के लिए भी दबाव बनाया गया. छात्रों ने इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
भयमुक्त माहौल में परीक्षा कराने की मांग
छात्रों का कहना है कि उन्हें कॉलेज में ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी डर या दबाव के पढ़ाई कर सकें और परीक्षा दे सकें. इसी मांग को लेकर वे जिलाधिकारी के पास पहुंचे. विद्यार्थियों ने प्रशासन से उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की.
गुलाब के फूल लेकर विरोध दर्ज कराने का उनका तरीका इस मामले का खास पहलू रहा. छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हुए प्रशासन का ध्यान कथित दुर्व्यवहार और धमकियों से जुड़ी शिकायतों की ओर खींचने की कोशिश की.
अब प्रशासन की जांच पर टिकी नजरें
हालांकि, छात्रों की शिकायत पर अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा कॉलेज प्रशासन के पक्ष की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल, प्रधानाचार्य और शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता.

