लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर घमासान तेज हो गया है. आम आदमी पार्टी (आप) के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं. 16 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए संजय सिंह ने दावा किया कि प्रदेश में 13 लाख फर्जी वोट जोड़े गए और 85 हजार मतदाताओं के नाम बिना कारण बताए काटे गए.
संजय सिंह ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख मतदाता थे. उनके मुताबिक, पुनरीक्षण प्रक्रिया में करीब 2 करोड़ 90 लाख नाम काटे जाने की बात सामने आई. उन्होंने कहा कि इसके बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 84 लाख और नाम हटाने के लिए 4 लाख 30 हजार आवेदन आने की जानकारी दी गई.
13 लाख नाम किसके जोड़े गए?
आप सांसद ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक जानकारी में 71 लाख 13 हजार नाम जोड़े जाने का उल्लेख है, तो बाकी 13 लाख नाम किसके हैं और किन बूथों पर जोड़े गए? उन्होंने चुनाव आयोग से फॉर्म-6 के तहत जोड़े गए नामों की पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि राजनीतिक दल बूथ और विधानसभा स्तर पर इनकी जांच कर सकें. संजय सिंह ने भाजपा के शीर्ष नेताओं पर भी आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका से उत्तर प्रदेश में फर्जी वोट जुड़वाए गए.
संजय सिंह ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर आरोप लगाए.
फॉर्म-7 की प्रक्रिया पर आपत्ति
संजय सिंह ने मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-7 की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि नाम काटने के 4 लाख 30 हजार आवेदनों में से 85 हजार नाम बिना कारण बताए हटा दिए गए. आप सांसद के मुताबिक, कुछ आवेदन स्वतः तैयार किए गए यानी ऑटो-जेनरेटेड बताए जा रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी आवेदन में नाम हटाने का स्पष्ट कारण नहीं है, तो उसके आधार पर मतदाता सूची से नाम कैसे हटाए जा सकते हैं.
संजय सिंह ने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल विपक्षी मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा सकता है. उन्होंने चुनाव आयोग से नियमों के अनुसार जांच, पारदर्शिता और प्रभावित मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
तरबगंज में 188 नाम हटाने के आवेदन का मामला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने गोंडा जिले की तरबगंज विधानसभा का उदाहरण भी दिया. उन्होंने दावा किया कि रेशमा नाम की महिला के नाम से 188 मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन दिए गए, लेकिन उनके मुताबिक संबंधित महिला के बारे में जानकारी जुटाने पर उसका पता नहीं चल सका. संजय सिंह ने सवाल किया कि एक ही व्यक्ति के नाम से इतनी बड़ी संख्या में आवेदन कैसे दिए गए और आवेदनों की सत्यता की जांच किस तरह की गई. उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की.
मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदनों पर भी उठाए सवाल
आप सांसद ने कई ऐसे मामलों का उल्लेख किया, जिनमें उनके दावे के मुताबिक एक ही आवेदक के नाम से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन दिए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि इन आवेदनों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक थी. संजय सिंह द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार, बाबूराम के नाम से 237 आवेदन में 212 मुस्लिम मतदाताओं, रेशमा के नाम से 188 में 174, निशा के नाम से 124 में 109 और धीरज कुमार भारती के नाम से 112 में 97 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन होने का दावा किया गया. उन्होंने कुमार कमलेश, बृज मोहन, देवदत्त, आदर्श कुमार पांडे और जसबंध के नाम से भी ऐसे आवेदन होने की बात कही. पीलीभीत में नरेंद्र कुमार तिवारी के नाम से 56 आवेदन में 50 मुस्लिम मतदाताओं के नाम होने का दावा भी किया.
आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
संजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के बयानों का उल्लेख करते हुए बूथवार मतदाता सूची के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की. उन्होंने कथित तौर पर हर बूथ पर 200 नए नाम जोड़ने की बात पर सवाल उठाया और पूछा कि किन बूथों पर कितने नाम जोड़े गए तथा उनके समर्थन में कौन से दस्तावेज उपलब्ध हैं.
यूपी में समय रहते सुनवाई की जरूरत
उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर आप की शिकायतों का जिक्र किया. संजय सिंह ने दावा किया कि उन शिकायतों पर प्रभावी सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तर प्रदेश में भी यदि समय रहते शिकायतों की जांच नहीं हुई, तो कुछ मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं.
फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भी उठाई आवाज
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में बाढ़ के बाद पैदा हुए संकट का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने दावा किया कि प्रभावित लोगों को बीमारी, भोजन की कमी और बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की. संजय सिंह ने एंबुलेंस, स्वास्थ्य सेवाओं, राशन, साफ-सफाई और आवागमन की व्यवस्था दुरुस्त करने की अपील की.

