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Sonbhadra। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम सुलीन सिंह के आदेश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शुक्रवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सिविल जज सीडी/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र प्रबंधक दीपिका सिंह, अधीक्षिका पुष्पांजली समेत समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
निरीक्षण के दौरान राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई में चार बच्चे आवासित मिले। इनमें 8 माह 24 दिन की बच्ची, 16 दिन की बच्ची, तीन वर्ष का बच्चा और नौ वर्ष का बच्चा शामिल है। सचिव ने बच्चों की देखरेख एवं खान-पान का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। वन स्टॉप सेंटर में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक मिली तथा सभी पंजिकाएं अद्यतन पाई गईं।

इस दौरान स्टाफ को घरेलू हिंसा, दहेज प्रतिषेध, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण, बाल लैंगिक अपराध संरक्षण, मातृत्व लाभ समेत महिला एवं बाल अधिकारों से संबंधित विभिन्न कानूनों की जानकारी दी गई। नालसा की DAWN, ASHA, SAMVAD और JAGRITI योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
इसके अलावा एक नवंबर को प्रस्तावित वृहद मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर की तैयारियों के तहत विकास खंड करमा में प्री-कैंप आयोजित किया गया। इसमें करीब 160 लोग शामिल हुए और विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किए जाने के लिए लगभग 70 लोगों का पंजीकरण किया गया।
सचिव ने अधिकारियों को समाज के अंतिम पंक्ति के पात्र लोगों, दिव्यांगजन, महिलाओं, बच्चों, श्रमिकों, निर्धन तथा एससी-एसटी वर्ग को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही 31 दिसंबर तक चल रहे ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0’ के तहत लंबित उपयुक्त मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से अधिकाधिक निस्तारण कराने पर जोर दिया गया।
