नई दिल्ली. पहले पार्ट ने ‘टाइगर’ मुथुवेल पांडियन की शांत और जबरदस्त पर्सनैलिटी से दर्शकों का दिल जीता था और यह सीक्वल उस विरासत को एक कदम और आगे ले जाता हुआ लगता है. इस बार की सबसे बड़ी और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि फिल्म में न सिर्फ साउथ इंडियन सिनेमा का फ्लेवर है, बल्कि बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन की जबरदस्त एंट्री ने इसे एक सच्ची पैन-इंडिया सिनेमैटिक फिल्म में बदल दिया है. सन पिक्चर्स का एक शानदार प्रोडक्शन ‘जेलर 2’ में अनिरुद्ध रविचंदर का जबरदस्त म्यूजिक, विद्या बालन की डरावनी विलेन का रोल और मिथुन चक्रवर्ती की मौजूदगी है, जो इसे हर उम्र के दर्शकों के लिए जरूर देखने लायक बनाती है. तो आइए फिल्म की कहानी, स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस, टेक्निकल बातों और इसकी बॉक्स ऑफिस सक्सेस पर करीब से नजर डालते हैं.
कहानी
‘जेलर 2’ की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां पहला पार्ट खत्म हुआ था. अपने ही बेटे ‘टाइगर’ मुथुवेल पांडियन (रजनीकांत) के धोखे और मौत के बाद, वह एक बार फिर शांति से जीने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, उसका अतीत उसे परेशान करता है. वर्मन के सिंडिकेट के खत्म होने के बाद, एक नया और बहुत खतरनाक इंटरनेशनल क्रिमिनल नेटवर्क सामने आता है, जो मुथुवेल और उसके परिवार के लिए खतरा बन जाता है. कहानी तब नया मोड़ लेती है जब इस सिंडिकेट के कनेक्शन न सिर्फ साउथ इंडिया, बल्कि नॉर्थ इंडिया और विदेशों में भी माफियाओं तक फैल जाते हैं. इस बार मुथुवेल पांडियन को न सिर्फ एक लोकल डॉन से, बल्कि एक चालाक और बेरहम लेडी माफिया लीडर, कांथा (विद्या बालन) और उसके बॉस (मिथुन चक्रवर्ती) से भी लड़ना होगा. कहानी में परिवार की भावनाओं, बदले और नॉर्थ-साउथ के गठबंधन के बीच पूरी तरह से बैलेंस है.
एक्टिंग
रजनीकांत (थलाइवा): रजनीकांत का जादुई स्वैग, जो 70 के दशक से चला आ रहा है. इस फिल्म में अपने पीक पर है. एक शांत परिवार के बुजुर्ग से खूंखार ‘टाइगर’ में उनका ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों को एक्साइटेड करता है. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और डायलॉग डिलीवरी बेमिसाल है.
ऋतिक रोशन (स्पेशल अपीयरेंस): ऋतिक रोशन की एंट्री फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज है. उनका कैरेक्टर और रजनीकांत के साथ उनके एक्शन सीक्वेंस स्क्रीन पर आग लगा देते हैं. उनकी स्क्रीन शेयरिंग सिनेफाइल्स के लिए एक लैंडमार्क सिनेमैटिक एक्सपीरियंस है.
विद्या बालन और मिथुन चक्रवर्ती: विद्या बालन ‘कांथा’ के नेगेटिव रोल में अपनी एक्टिंग से गहरी छाप छोड़ती हैं. उनका कॉन्फिडेंस और खतरनाक अंदाज रजनीकांत के लिए एक बड़ी चुनौती है. मिथुन चक्रवर्ती, अपने विंटेज स्टाइल और दमदार आवाज के साथ, विलेन के रोल में कमाल करते हैं.
सपोर्टिंग कास्ट: मोहनलाल और शिवराजकुमार के कैमियो पहले पार्ट की तरह ही इंप्रेसिव हैं. राम्या कृष्णन, एसजे सूर्या और दूसरे सपोर्टिंग एक्टर्स ने अपने रोल पूरी ईमानदारी से निभाए हैं.
डायरेक्शन
डायरेक्टर नेल्सन दिलीपकुमार ने एक बार फिर मास एंटरटेनमेंट और डार्क ह्यूमर के बीच बैलेंस बनाने में अपनी मास्टरी साबित की है. उन्होंने फिल्म की पेस इस तरह सेट की है कि ऑडियंस को कभी बोरियत महसूस नहीं होती. जिस तरह से रजनीकांत के मास सीन डिजाइन किए गए हैं, वह थिएटर को स्टेडियम में बदल देता है. इंटरवल ब्लॉक और क्लाइमेक्स का डायरेक्शन खास तौर पर तारीफ के काबिल है. हालांकि, इतने सारे सुपरस्टार्स को एक ही स्क्रीनप्ले में मैनेज करना एक बड़ा चैलेंज था, जिसे नेल्सन ने काफी हद तक पूरा किया है.
म्यूजिक
फिल्म की बैकबोन इसका बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) है, जिसे अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया है. अनिरुद्ध का BGM रजनीकांत की हर एंट्री और एक्शन सीन में सौ गुना ज्यादा एनर्जी जोड़ता है. जब भी थलाइवा का थीम ट्यून बजता है, थिएटर सीटियों से गूंज उठता है. फिल्म के ट्रैक कहानी की पेस को बिना रोके मूड को बेहतर बनाते हैं.
कमियां
अगर आप एक बहुत ही अनोखी या सस्पेंस वाली कहानी की उम्मीद कर रहे हैं, तो कहानी के कुछ हिस्से थोड़े पता चलने वाले लग सकते हैं. फिल्म के शुरुआती हाफ में किरदारों को समझने में थोड़ा समय लगता है, कॉमेडी और फैमिली सीन की वजह से रफ्तार थोड़ी धीमी लगती है. इतने सारे बड़े स्टार्स होने की वजह से कुछ बेहतरीन एक्टर्स को स्क्रीन पर कम समय मिला है.
अंतिम फैसला
‘जेलर 2’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि स्टार पावर, जबरदस्त एक्शन, अनिरुद्ध का म्यूजिक और बड़े पर्दे पर रजनीकांत के कभी न खत्म होने वाले स्वैग का एक शानदार सेलिब्रेशन है. पहली फिल्म की सफलता को आगे बढ़ाते हुए ऋतिक रोशन का जबरदस्त कैमियो और विद्या बालन की शानदार परफॉर्मेंस इस सीक्वल को और भी खास बनाती है. अगर आप थलाइवा रजनीकांत के फैन हैं या थिएटर में कोई हाई-वोल्टेज, व्हिसल-स्टॉप एंटरटेनर ढूंढ रहे हैं, तो ‘जेलर 2’ बड़े पर्दे पर देखने का एक शानदार अनुभव होगा. मेरी ओर से फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार.

