जौनपुर: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और इंटरनेट ने लोगों की जिंदगी आसान बना दी है. घर बैठे बैंकिंग से लेकर खरीदारी तक के काम चुटकियों में हो जाते हैं. लेकिन इसी के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं. कभी बैंक अधिकारी बनकर फोन किया जाता है तो कभी इनाम, नौकरी और केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता है. ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है.
अगर आप भी साइबर फ्रॉड का शिकार नहीं होना चाहते हैं तो जौनपुर के सीओ सिटी आईपीएस सम्यक चौधरी की बताई सावधानियों को ध्यान में रखना जरूरी है. साइबर ठगी से बचने के लिए सबसे अहम है कि किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें और अपनी निजी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें.
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अपनाएं ये 10 टिप्स
अनजान लिंक पर क्लिक न करें: मोबाइल पर आए किसी भी अनजान मैसेज, ईमेल या व्हाट्सऐप लिंक पर बिना जांच किए क्लिक न करें. ऐसे लिंक आपको फर्जी वेबसाइट पर ले जाकर ठगी का शिकार बना सकते हैं.
ओटीपी किसी को न बताएं: बैंक, एटीएम या किसी अन्य सेवा के नाम पर फोन करने वाला व्यक्ति अगर ओटीपी मांगे तो उसे न बताएं. ओटीपी साझा करने से आपके खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं.
बैंकिंग पासवर्ड रखें सुरक्षित: अपने बैंक खाते, यूपीआई और मोबाइल बैंकिंग का पासवर्ड मजबूत रखें. जन्मतिथि, मोबाइल नंबर या आसानी से पता लगाए जा सकने वाले अंकों को पासवर्ड न बनाएं.
अनजान कॉल से रहें सावधान: अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी या सरकारी विभाग का कर्मचारी बताकर डराता है और पैसे मांगता है तो तुरंत भरोसा न करें. संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें.
स्क्रीन शेयरिंग ऐप से बचें: किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें. इससे ठग आपके मोबाइल की गतिविधियों और निजी जानकारियों तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं.
यूपीआई पिन सोच-समझकर इस्तेमाल करें: पैसे प्राप्त करने के लिए आमतौर पर यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं होती. भुगतान करने से पहले नाम और रकम जांचें. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कलेक्ट रिक्वेस्ट स्वीकार न करें.
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें: फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बैंकिंग जानकारी, पहचान संबंधी दस्तावेज और दूसरी संवेदनशील जानकारियां सार्वजनिक न करें.
लालच देने वाले ऑफर से बचें: कम समय में ज्यादा मुनाफा, मुफ्त उपहार, लॉटरी और घर बैठे मोटी कमाई जैसे ऑफर मिलने पर सावधान रहें. किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता जांचें. मोबाइल में सुरक्षा का ध्यान रखें: मोबाइल में ऐप केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से डाउनलोड करें. फोन और ऐप को समय-समय पर अपडेट करते रहें. अनजान ऐप को अनावश्यक अनुमति न दें.
ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें: अगर आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करें. साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और आधिकारिक पोर्टल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं. जल्द शिकायत करने से रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है.
सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय
साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए हर दिन नए तरीके अपना रहे हैं. ऐसे में किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है. याद रखें, आपका ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग पासवर्ड आपकी निजी जानकारी है. इसे किसी के साथ साझा न करें.
