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Ambala News : कैसे बनाएं अपने बच्चों को जिमनास्ट? अंबाला में ओलंपिक स्तर की सुविधाएं, कोच छाबड़ा ने बताया पूरा प्लान

Admin by Admin
October 12, 2026
in खेल
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Ambala News : कैसे बनाएं अपने बच्चों को जिमनास्ट? अंबाला में ओलंपिक स्तर की सुविधाएं, कोच छाबड़ा ने बताया पूरा प्लान


Last Updated:October 12, 2026, 16:01 IST

Gymnastics Classes Ambala : खेलों में करियर के लिए जिम्नास्टिक एक अच्छा विकल्प है. हरियाणा के अंबाला छावनी में जिम्नास्टिक की ट्रेनिंग के लिए ओलंपिक स्तर की सुविधाएं मौजूद हैं. लोकल 18 से जिम्नास्टिक कोच सतपाल छाबड़ा बताते हैं कि इस खेल में करियर बनाने के लिए बच्चों को 5 से 6 साल की उम्र से ही ट्रेनिंग शुरू कर देनी चाहिए. लंबी तैयारी करनी पड़ती है. केवल दो या तीन साल की ट्रेनिंग से कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता. कोच सतपाल छाबड़ा के अनुसार सुबह एक घंटे की प्रैक्टिस के बाद बच्चे अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकते हैं.

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अंबाला. अगर आपका बच्चा भी खेलों में अपना करियर बनाना चाहता है, तो जिम्नास्टिक एक बेहतर विकल्प है. इस खेल में छोटी उम्र से शुरुआत करके बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बना सकते हैं. हरियाणा के अंबाला छावनी में बच्चों को जिम्नास्टिक की ट्रेनिंग के लिए बेहतरीन सुविधाएं मिल रही हैं. यहां स्टेडियम के जिम्नास्टिक हॉल में ओलंपिक स्तर के उपकरण उपलब्ध हैं, जिन पर नन्हे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं. सुबह 5:30 बजे ही 50 बच्चे अभ्यास के लिए पहुंच जाते हैं. लोकल 18 से जिम्नास्टिक कोच सतपाल छाबड़ा बताते हैं कि इस खेल में करियर बनाने के लिए बच्चों को 5 से 6 साल की उम्र से ही ट्रेनिंग शुरू कर देनी चाहिए. लगातार मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के दम पर यही बच्चे आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं.

कब तक हो जाएंगे तैयार

अंबाला छावनी के स्टेडियम में बने जिम्नास्टिक हॉल के बारे में कोच सतपाल छाबड़ा कहते हैं कि यहां ओलंपिक स्तर के उपकरण लगाए गए हैं, जो फ्रांस से मंगवाए गए हैं. इन सुविधाओं का लाभ केवल अंबाला के खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि हरियाणा के दूसरे क्षेत्रों से ट्रेनिंग लेने आने वाले खिलाड़ियों को भी मिल रहा है. यह उत्तर भारत के बेहतरीन जिम्नास्टिक केंद्रों में से एक है. कोच सतपाल छाबड़ा बताते हैं कि जिम्नास्टिक में खिलाड़ी को तैयार करने के लिए लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ती है. केवल दो या तीन साल की ट्रेनिंग से कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता. इस खेल में लचीलापन, संतुलन, शारीरिक क्षमता और तकनीक विकसित करने के लिए लगातार अभ्यास जरूरी है. एक अच्छा खिलाड़ी तैयार होने में करीब 10 साल तक लग सकते हैं. अगर कोई बच्चा पांच साल की उम्र से ट्रेनिंग शुरू करता है, तो 20 साल की उम्र तक वह टॉप क्लास की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अपनी क्षमता विकसित कर सकता है.

जिम्नास्टिक कोच सतपाल छाबड़ा के अनुसार सुबह करीब एक घंटे की प्रैक्टिस के बाद बच्चे अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकते हैं. शुरुआत में बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित करने में माता-पिता और कोच की भूमिका अहम रहती है. धीरे-धीरे जब बच्चों की रुचि बढ़ती है, तो वे खुद भी स्टेडियम आने और अभ्यास करने के लिए उत्साहित रहने लगते हैं. इस तरह खेल के साथ पढ़ाई का संतुलन बनाए रखते हुए बच्चे अपने भविष्य की तैयारी कर सकते हैं.

मिल सकता है क्या-क्या 

जिम्नास्टिक के क्षेत्र में अंबाला के खिलाड़ियों ने अपनी अलग पहचान बनाई है. कोच सतपाल छाबड़ा के अनुसार अंजू दुआ और सुनीता शर्मा को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है, योगेश्वर राष्ट्रीय चैंपियन रहने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेल चुके हैं. वे योगेश्वर के कोच रह चुके हैं. जिम्नास्टिक में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे चलकर करियर के कई रास्ते खुल सकते हैं. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियों के आधार पर खिलाड़ी खेल कोटे से सरकारी नौकरी के लिए पात्र बन सकते हैं. हरियाणा में खिलाड़ियों को हॉस्टल और खान-पान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

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First Published :

October 12, 2026, 16:01 IST



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