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Novak Djokovic wins china open title seventh time: नोवाक जोकोविच ने चीनी ओपन के फाइनल में एलेक्स डी मिनौर के चोट के कारण हटने पर रिकॉर्ड सातवां खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ एटीपी सिंगल्स में उनके कुल 102 खिताब हो गए हैं, जो रोजर फेडरर के 103 के रिकॉर्ड से मात्र एक कदम दूर हैं. चीन ओपन में अपना अजेय रथ 34-0 पर पहुंचाने वाले जोकोविच का यह लगातार 21वां साल है जब उन्होंने कम से कम एक सिंगल्स खिताब अपने नाम किया है.
नोवाक जोकोविच ने चीन ओपन खिताब जीता.
नई दिल्ली. नोवाक जोकोविच ने एक बार फिर टेनिस इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा दिया है. चीनी ओपन के खिताबी मुकाबले में एक नाटकीय अंत के साथ जोकोविच ने अपने करियर का रिकॉर्ड सातवां चीन ओपन खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ ही उन्होंने टेनिस जगत के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में से एक रोजर फेडरर के करियर टाइटल्स के बेहद करीब पहुंच कर अपनी महानता का एक और सबूत दे दिया है. फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर को ग्रोइन इंजरी के कारण मैच बीच में ही छोड़ना पड़ा, जिससे जोकोविच को विजेता घोषित किया गया. जब मैच खत्म हुआ, तब जोकोविच पहला सेट 7-6(3) से अपने नाम कर चुके थे और दूसरे सेट में 0-1 से पीछे थे. यह जीत न केवल जोकोविच के लिए खास है, बल्कि उनके शानदार करियर की लंबी पारी और निरंतरता का भी एक बेहतरीन उदाहरण है.
इस खिताबी जीत के साथ ही एटीपी सिंगल्स में नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) के कुल टाइटल्स की संख्या अब 102 हो गई है. वह अब रोजर फेडरर के 103 टाइटल्स के रिकॉर्ड से महज एक कदम दूर हैं. ओपन एरा में सबसे ज्यादा सिंगल्स खिताब जीतने का रिकॉर्ड जिमी कॉनर्स के नाम है, जिनके खाते में 109 टाइटल्स हैं और जोकोविच अब इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड से केवल सात खिताब दूर हैं. इसके अलावा, इस जीत ने चीन ओपन में जोकोविच के अजेय रथ को 34-0 पर पहुंचा दिया है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह उनके करियर का लगातार 21वां साल है जब उन्होंने कम से कम एक सिंगल्स खिताब जरूर जीता है. यह आंकड़ा टेनिस कोर्ट पर उनकी फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और खेल के प्रति समर्पण को बयां करता है.
रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा फाइनल मुकाबला
फाइनल मुकाबला शुरू से ही काफी रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा. पांचवी सीड एलेक्स डी मिनौर ने पहले सेट में जोकोविच को कड़ी टक्कर दी. उन्होंने अपनी आक्रामक ग्राउंडस्ट्रोक्स का शानदार प्रदर्शन किया और दो महत्वपूर्ण ब्रेक पॉइंट भी बचाए. डी मिनौर ने पहले सेट में अपने बेहतरीन खेल का मुजाहिरा करते हुए 11 विनर्स लगाए, जबकि जोकोविच इस मामले में थोड़े पीछे रहे और उनके बल्ले से केवल तीन विनर्स निकले. हालांकि, टाईब्रेक के दौरान डी मिनौर ने कुछ बेजां गलतियां की गई, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए जोकोविच ने टाईब्रेक 7-3 से अपने नाम कर लिया और मैच में बढ़त बना ली.
चोट के कारण डी मिनौर को छोड़ना पड़ा मैच
पहला सेट समाप्त होने के बाद दोनों ही खिलाड़ियों को मेडिकल अटेंशन की जरूरत पड़ी, जिससे यह साफ हो गया कि मुकाबला शारीरिक रूप से बेहद थका देने वाला रहा है. लेकिन दुर्भाग्यवश, डी मिनौर अपनी बाईं जांघ पर भारी पट्टी बांधकर खेलने के बावजूद मैच को आगे जारी नहीं रख सके. ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान डी मिनौर काफी निराश दिखे. उन्होंने अपने प्रशंसकों से माफी मांगते हुए कहा कि वह इस तरह से मैच का अंत नहीं चाहते थे और उम्मीद जताई कि वह अगले साल फिर से इस टूर्नामेंट में वापसी करेंगे.
शीर्ष-10 खिलाड़ियों को मात देकर जोकोविच ने तय किया सफर
जोकोविच का इस साल का खिताबी सफर किसी चुनौती से कम नहीं था. उन्होंने इस टूर्नामेंट के दौरान लगातार तीन मैचों में शीर्ष-10 रैंकिंग के खिलाड़ियों को मात दी. क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने यूएस ओपन चैंपियन एलेक्स ज्वेरेव को शिकस्त दी, जबकि सेमीफाइनल में उनका मुकाबला दानिल मेदवेदेव से था. सेमीफाइनल मुकाबला तब अचानक समाप्त हो गया जब रूसी खिलाड़ी मेदवेदेव को एक दर्शक को गेंद लग जाने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया. दूसरी ओर, डी मिनौर भी फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रहे थे, जहां सेमीफाइनल में उनके प्रतिद्वंद्वी हूबर्ट हुरकाच भी चोट के कारण रिटायर हो गए थे. डी मिनौर अपने करियर के पहले चीन ओपन खिताब की तलाश में थे और इस साल फरवरी में रॉटरडैम में खिताब जीतने के बाद वह अपने इस सीजन की दूसरी ट्रॉफी के लिए जोर लगा रहे थे.
इतिहास रचने के बेहद करीब नोवाक जोकोविच
नोवाक जोकोविच के लिए बीजिंग की यह जीत उनके रिकॉर्ड बुक में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ती है. इस साल उनका एकमात्र अन्य फाइनल मुकाबला ऑस्ट्रेलियन ओपन में आया था, जहां उन्हें कार्लोस अकाराज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. उम्र के इस पड़ाव पर भी जिस तरह से जोकोविच ने अपनी फॉर्म और भूख को बरकरार रखा है, वह आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी मिसाल है. फेडरर के रिकॉर्ड की बराबरी करने से अब वह सिर्फ एक खिताब दूर हैं और जिस तरह का उनका मौजूदा फॉर्म और हौसला है, उसे देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि वह जल्द ही टेनिस इतिहास के इस नए मुकाम को भी हासिल कर लेंगे.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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