झारखंड में प्रतियोगी परीक्षा की गड़बड़ियों को लेकर सोमवार को विधानसभा घेरने जा रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज किया। भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद का ऐलान किया है।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सोमवार को विधानसभा घेरने जा रहे प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झूमाझटकी हो गई। इसके बाद पुलिस ने पाली की बौछार की, आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज भी किया। इसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। झड़प में 4 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। विपक्षी भाजपा ने झारखंड सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए दावा कि नेता प्रतिपक्ष समेत उसके कई नेताओं को सुबह ही उठा लिया गया था। भाजपा ने कल मंगलवार को छात्रों के समर्थन में झारखंड बंद करने का ऐलान किया है।
कल झारखंड बंद का ऐलान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रदेश कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में कल मंगलवार को झारखंड बंद का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सुबह 8 बजे से ही बंदी प्रारंभ हो जाएगी। झारखंड बंद के दौरान झारखंड पूरा ठप्प रहेगा। केवल जरूरी सेवाएं चालू रहेगी। कांवरियों को किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सकारात्मक सहयोग करने की अपील की।
चार-चार बार लाठीचार्ज किया
झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि 14 वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा समेत बीते 7 वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग का आग्रह कर रहे थे, लेकिन हेमंत सरकार ने दमनात्मक रवैया अपनाया है। BJP इसकी कड़ी निंदा करती है। झारखंड सरकार ने बच्चों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया है। उन पर चार-चार बार लाठीचार्ज किया गया। रात के 9:00 बजे भी छात्रों को पीटा गया। लाठीचार्ज में सैकड़ों छात्र घायल हुए हैं।
राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं आ रहे?
BJP के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन को बड़ा मंच बनाकर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को मेडल देना चाहिए। पुलिसिया कार्रवाई में कई छात्रों के लापता होने की भी सूचना है। कांग्रेस के समर्थन से चल रही हेमंत सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस, राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं आ रहे हैं।
दम है तो CBI जांच की मांग करें या समर्थन वापस लें राहुल
आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी में दम है तो दम है तो सीबीआई जांच कराने की मांग करें या हेमंत सोरेन सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा करें। मुझे लगता है कि हेमंत सोरेन ने कभी गरीबी या संघर्ष का सामना नहीं किया है। यदि उन्होंने गांवों की गरीबी को करीब से देखा होता तो शायद वे ऐसी बातें नहीं करते। हेमंत सोरेन को तो पिता की विरासत और शोहरत मिली है, शायद इसीलिए वह छात्रों के साथ ऐसा बर्बर व्यवहार कर रहे हैं।
हमें सुबह-सुबह ही उठा लिया
वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा- हमें सुबह-सुबह ही उठा लिया गया था। हमें खेलगांव में हिरासत में रखा गया। यह आंदोलन केवल 15 दिन का नहीं है। छात्र वर्षों से अदालतों में अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। छात्रों पर राजनीति करने का आरोप लगाया जा रहा है। यदि सरकार ने पहले ही CBI जांच का आदेश दे दिया होता, मुझे इतनी देर रात प्रेस कांफ्रेंस करने की जरूरत नहीं होती। हेमंत सोरेन को सीधी बात समझ क्यों नहीं आ रही कि मामला बेहद गंभीर है।
CBI जांच में क्या हर्ज?
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि बच्चों ने कहा था कि यदि CBI जांच का आदेश नहीं दिया गया तो वे विधानसभा तक मार्च करेंगे। बस इतनी सी बात पर आप उन पर लाठीचार्ज कर रहे हैं। बच्चे सीबीआई जांच की ही तो मांग कर रहे हैं। यदि आपने कोई गड़बड़ी नहीं की है तो CBI जांच में क्या हर्ज है। आप आज विधानसभा से बाहर आते और उनसे कहते हम मामले को CBI को सौंप रहे हैं तो ये युवा खुशी-खुशी आपका स्वागत करते और आपकी तारीफ करते हुए चले जाते।
केवल बच्चों को टहला रही सरकार
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि रही बात राहुल गांधी तो वे केवल अपनी इज्जत बचाने की कोशिश कर रहे हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र परीक्षाओं की नौकरी बेचे जाने के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ टाल-मटोल ही कर रही है। बातचीत के नाम पर बच्चों को टहलाया जा रहा है। सरकार जांच से भाग क्यों रही है?











