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एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए बॉक्सर अंकुश पंघाल ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. अंकुश ने 80 किलोग्राम भारवर्ग में कोरियाई बॉक्सर को हराया. अंकुश ने भारत के लिए 14वां गोल्ड जीता है. सेना में हवलदार के पद पर तैनात अंकुश ने इसी साल कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था.
अंकुश पंघाल ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड मेडल
नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 के 14वें दिन बॉक्सिंग में अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. अंकुश ने एक तरफा मुकाबले में कोरियाई बॉक्सर पर जीत हासिल की. लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा के बाद बॉक्सिंग में अंकुश ने आज तीसरा गोल्ड मेडल मेडल जीता है. वहीं, भारत के लिए इस एशियन गेम्स में यह 14वां गोल्ड मेडल था. ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं बॉक्सिंग में गोल्डन पंच लगाने वाले अंकुश पंघाल.
कौन हैं बॉक्सर अंकुश पंघाल?
21 साल के अंकुश पंघाल हरियाणा के हिसार जिले के भेरिया गांव के रहने वाले हैं. अंकुश का जन्म 13 अगस्त 2005 में एक किसान परिवार में हुआ था. अंकुश के पिता सुरेश पंघाल खेती किसानी के अलावा खेल से भी जुड़े थे. वह एक कबड्डी प्लेयर थे. शुरुआत में अंकुश भी कबड्डी ही खेलते थे और उन्होंने जिला स्तर पर कबड्डी में गोल्ड मेडल भी जीता था, लेकिन पिता की सलाह पर उन्होंने कबड्डी को बॉक्सिंग में आने का फैसला किया.
कबड्डी छोड़कर जब अंकुश ने बॉक्सिंग खेलना शुरू किया तो गांव वालों ने उनका खूब मजाक उड़ाया, लेकिन अंकुश ने इसकी परवाह किए बिना कड़ी मेहनत और ट्रेनिंग जारी रखी. अंकुश जब 11 साल के थे तब से उन्होंने बॉक्सिंग शुरू की. उनके पिता सुरेश पंघाल रोज अंकुश को गांव से 15 किलोमीटर दूर ट्रेनिंग के लिए छोड़ने और लेने जाते थे.
स्टेट चैंपियनशिप के बाद बॉक्सिंग छोड़ना चाहते थे अंकुश
एक समय ऐसा भी आया जब अंकुश ने बॉक्सिंग छोड़ने का मन बना लिया. इसके पीछे की वजह थी स्टेट चैंपियनशिप के फाइनल में मिली हार. साल 2018 में अंकुश स्टेट चैंपियनशिप के फाइनल में हार गए थे. इसके बाद उन्होंने बॉक्सिंग छोड़ने का फैसला कर लिया था, लेकिन उनके पिता ने उन्हें किसी तरह बॉक्सिंग नहीं छोड़ने के लिए मना लिया. यही अंकुश के करियर के टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.
वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 से बदला अंकुश का करियर
स्टेट चैंपियनशिप के फाइनल मिली हार को भुलाकर अंकुश ने फिर से नई शुरुआत की और उन्हें सबसे बड़ी सफलता साल 2025 में मिली जब उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. फाइनल में उनका सामना इंग्लैंड के बॉक्सर से हुआ था. इसके बाद इसी साल उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड जीता और अब एशियन गेम्स में अंकुश ने गोल्डन पंच लगाकर इतिहास रच दिया.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…
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