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Who is Harita Bhadra: एशियन गेम्स 2026 में भारत की हरिता भद्रा ने देश को 33वां मेडल दिलाया. हरिता ने 200 मीटर की रेस में तीसरा स्थान हासिल किया. भद्रा ने 23.20 सेकंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया. हरिता कुछ सेकंड के अंतर से चीन की चेन युजी से पीछे रहकर सिल्वर से चूक गईं. ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं भारत की नई उड़न पड़ी हरिता भद्रा.
हरिता भद्रा
नई दिल्ली: इंग्लैंड के लाफबोरो यूनिवर्सिटी से स्पोर्ट्स साइंस में ग्रेजुएशन, खुद का ज्वैलरी ब्रांड और अब एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल. ये कहानी है भारत की नई उरन पड़ी हरिता भद्रा की. हरिता ने एशियन गेम्स 2026 में 200 मीटर की रेस में तीसरा स्थान हासिल करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. हरिता भद्रा ने रेस में 23.20 सेकंड का समय निकाला. सिंगापुर की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड में गोल्ड मेडल जीता, जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकंड में सिल्वर मेडल हासिल किया. ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं हरिता भद्रा.
कौन हैं हरिता भद्रा?
हरिता भद्रा 200 मीटर दौड़ में उभरती हुई स्पेशलिस्ट महिला स्प्रिटंर हैं. हरिता मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली हैं. महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने नेशनल स्प्रिंट प्रोग्राम के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखारा है और अपनी गति में लगातार सुधार किया है. 2026 में 23.14 सेकंड के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ उन्हें बड़ी सफलता मिली. सीजन के इस पर्सनल बेस्ट के कारण हरिता ने एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई किया था. हरिता 200 मीटर रेस के अलावा 4×100 मीटर रिले प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेती हैं. इस प्रतिस्पर्धा में हरिता की पार्टनर उन्नति बोलैंडा हैं.
ज्वैलरी ब्रांड की मालकिन हैं हरिता
बता दें कि हरिता एथलेटिक्स के अलावा फैंशन इंडस्ट्री में भी सक्रिय है. हरिता का अपना एक खुद हैंडमेड ज्वेलरी ब्रांड भी है, जिसका नाम दागीना है. वह खुद इन ज्वेलरी को डिजाइन करती हैं, बनाती हैं और ऑनलाइन बेचती हैं. एक इंटरव्यू में हरिता ने अपने बिजनेस के बारे में बताया था.
राफेल नडाल की फैंस हैं हरिता भद्रा
हरिता भद्रा खुद एक स्पोर्ट्स पर्सन हैं, लेकिन खेल जगत में उनका फेवरेट टेनिस के दिग्गज राफेल नडाल हैं. हरिता नडाल को अपना आदर्श मानती हैं. हरिता ने एक इंटरव्यू में नडाल को लेकर कहा था कि, “मुझे उनका व्यक्तित्व बहुत पसंद है क्योंकि वह मानसिक रूप से बेहद मजबूत हैं, लेकिन कोर्ट के बाहर वह एक बहुत अच्छे इंसान भी हैं. वह खुद को बहुत विनम्रता के साथ पेश करते हैं और इसके लिए मेरे पास शायद सही शब्द नहीं हैं, लेकिन वह हमेशा से मेरे आदर्श रहे हैं. मैं भी उन्हीं की तरह बनना चाहती हूं.”
About the Author

जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. वर्तमान में वह नेटवर्क 18 समूह के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हैं और हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में अपनी…
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