नई दिल्ली. भारतीय महिला हॉकी खेल के लिए रविवार का दिन एक और गौरवशाली अध्याय लेकर आया. एशियन गेम्स में अपने बेहद शानदार और आक्रामक फॉर्म को जारी रखते हुए, भारतीय टीम ने पूल बी के अपने अंतिम लीग मुकाबले में सिंगापुर को 7-0 के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी है. इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारत ने पूल चरण में अपना अजेय रिकॉर्ड पूरी तरह से बरकरार रखा है और लगातार पांचवीं शानदार जीत दर्ज करते हुए पूल बी की अंक तालिका में पूरे दबदबे के साथ शीर्ष स्थान पर कब्जा जमा लिया है. अब भारतीय टीम ऊंचे मनोबल और पूरे आत्मविश्वास के साथ सेमीफाइनल में कदम रख चुकी है, जहां फाइनल के टिकट के लिए उसका सामना मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम से होने वाला है.
मैच की शुरुआत काफी दिलचस्प और रणनीतिक रही, जहां दोनों टीमों के बीच शुरुआती मिनटों में ही कड़ा संघर्ष देखने को मिला. पहले 15 मिनट यानी पहले क्वार्टर में सिंगापुर की टीम ने जबरदस्त रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन किया और भारतीय आक्रमण का डटकर सामना किया. इस दौरान भारतीय फॉरवर्ड लाइन लगातार विरोधी टीम के सर्कल में घुसपैठ कर मौके बनाती रही, लेकिन सिंगापुर के मुस्तैद डिफेंस ने उन्हें किसी भी मौके को गोल में तब्दील नहीं होने दिया. नतीजतन, पहला क्वार्टर बिना किसी गोल के बराबरी पर छूटा. इस वक्त ऐसा प्रतीत हो रहा था कि यह मैच बेहद कड़ा और संघर्षपूर्ण होने वाला है, लेकिन भारतीय दल ने अपनी रणनीति में त्वरित बदलाव किया और दूसरे क्वार्टर से खेल की पूरी तस्वीर ही बदल कर रख दी.
दूसरे क्वार्टर में आक्रामक वापसी, दागे 5 गोल
दूसरे क्वार्टर की शुरुआत होते ही भारतीय टीम ने अपनी रफ्तार और आक्रामकता कई गुना बढ़ा दी. पहले 15 मिनट की खामोशी के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने सिंगापुर के डिफेंस को पूरी तरह से छिन्न-भिन्न कर दिया. मैदान के चारों तरफ से एक के बाद एक लगातार और अचूक हमले करते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने गोल की झड़ी लगा दी. हाफ टाइम की सीटी बजने तक भारतीय टीम ने मैच पर अपना शत-प्रतिशत दबदबा कायम कर लिया था और स्कोरबोर्ड पर 5-0 की मजबूत और अजेय बढ़त हासिल कर ली थी. यह दूसरा क्वार्टर भारतीय टीम के लिए मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहां उन्होंने अपने शानदार तालमेल, पासिंग और गति से सिंगापुर को मैच में वापसी करने का कोई भी मौका नहीं दिया.
सुनेलिता टोप्पो का शानदार प्रदर्शन, छह खिलाड़ियों ने किया स्कोर
इस एकतरफा और यादगार मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से गोल करने वाली खिलाड़ियों का व्यक्तिगत और सामूहिक प्रदर्शन बेहद काबिले तारीफ रहा. युवा और प्रतिभाशाली फॉरवर्ड सुनेलिता टोप्पो ने मैदान पर अपने शानदार स्टिक-वर्क का मुजाहिरा पेश करते हुए दो बेहतरीन गोल दागे और टीम की इस बड़ी जीत की नींव रखी. उनके इस शानदार दो गोल के अलावा, टीम की पांच अन्य प्रमुख खिलाड़ियों ने भी सिंगापुर के नेट को भेदते हुए स्कोरशीट पर अपना नाम दर्ज कराया. सलीमा टेटे, लालरेम्सियामी, ऋतुजा पिसल, निक्की प्रधान और दीपिका ने एक-एक गोल दागकर टीम के आक्रमण की विविधता को साबित किया. कुल छह अलग-अलग खिलाड़ियों का गोल करना यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारतीय टीम किसी एक या दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि पूरी टीम एक संगठित इकाई के रूप में बेहतरीन खेल दिखा रही है.
लगातार पांचवीं जीत से बुलंद हुए टीम के हौसले
पूल बी में भारतीय टीम का अब तक का सफर किसी सुनहरे सपने से कम नहीं रहा है. अपने सभी पांच मैचों में लगातार पांच जीत दर्ज करना, टीम की ठोस तैयारियों, शानदार फिटनेस और स्वर्ण पदक जीतने के उनके दृढ़ संकल्प को स्पष्ट रूप से बयां करता है. सिंगापुर के खिलाफ यह 7-0 की जीत केवल आंकड़ों के लिहाज से ही बड़ी नहीं है, बल्कि यह नॉकआउट दौर से ठीक पहले पूरी टीम के मनोबल को आसमान पर ले जाने वाली है. पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय रक्षापंक्ति ने जहां विरोधी टीमों को गोल करने के लिए तरसाया है, वहीं आक्रमण पंक्ति ने मौकों को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.
30 सितंबर को दक्षिण कोरिया से होगा सेमीफाइनल का महामुकाबला
अब भारतीय महिला हॉकी टीम और करोड़ों खेल प्रेमियों की नजरें 30 सितंबर को होने वाले बहुप्रतीक्षित और अहम सेमीफाइनल मुकाबले पर टिक गई हैं. इस बड़े नॉकआउट मैच में भारत का कड़ा इम्तिहान दक्षिण कोरिया के खिलाफ होगा. दक्षिण कोरिया की टीम ने आज ही खेले गए पूल ए के एक बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण मुकाबले में मलेशिया को 2-1 से हराकर अपने पूल में दूसरा स्थान हासिल किया है और सेमीफाइनल का टिकट कटाया है. दक्षिण कोरियाई टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी तेज और अनुशासित हॉकी के लिए जानी जाती है, ऐसे में 30 सितंबर का यह सेमीफाइनल मुकाबला कांटे की टक्कर का होने की पूरी उम्मीद है.

