स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग का खिताब जीता और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक का खाता खोला।
स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग का खिताब जीता और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक का खाता खोला।
स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने रविवार को ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्ड वजन उठाते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग का खिताब जीतकर भारत के स्वर्ण पदक का खाता खोल दिया। इकतीस वर्षीय मीराबाई ने स्नैच में 85 किलोग्राम वजन उठाया जो राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों दोनों का नया रिकॉर्ड है। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंव जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का एक और नया रिकॉर्ड बनाया। इस तरह उन्होंने कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह राष्ट्रमंडल खेलों में मीराबाई का लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 और 2022 के चरणों में भी स्वर्ण पदक जीते थे। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने ग्लास्गो में 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक हासिल किया था।
भारतीय भारोत्तोलकों ने 1990, 2002, 2018 और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले देश का गौरव हासिल किया था। कुल 133 पदकों (46 स्वर्ण) के साथ भारत इस स्पर्धा के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा सबसे सफल देश है। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत ने भारोत्तोलन में तीन स्वर्ण और तीन रजत सहित कुल 10 पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। ऐसे में ग्लास्गो में भी टीम से एक और प्रभावशाली प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। पूर्व विश्व चैंपियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चानू का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ कुल भार 205 किलोग्राम (स्नैच 89 किग्रा और क्लीन एवं जर्क 116 किग्रा) है। यह महिला 48 किलोग्राम वर्ग में अन्य सभी प्रतिद्वंद्वियों से काफी बेहतर है। भारत ने अब तक ग्लास्को में तीन पदक जीत लिए हैं।






