संवाददाता@आनंद गुप्ता……

दुद्धी विकास खंड के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में संचालित परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। क्षेत्र में 22 जूनियर हाईस्कूल, 46 कंपोजिट विद्यालय तथा 150 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं, लेकिन कुछ शिक्षक लंबे समय से अपने मूल विद्यालयों के बजाय ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में कार्यरत बताए जा रहे हैं, जिससे संबंधित विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय पकरी के शिक्षक लल्लू राम तथा कंपोजिट विद्यालय जामपान के शिक्षक राजेश झा पिछले लगभग तीन वर्षों से बीआरसी से जुड़े कार्यों में लगे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों शिक्षकों की विद्यालय में नियमित उपस्थिति नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण यहां पहले से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में शिक्षकों की नियमित अनुपस्थिति से बच्चों का शैक्षणिक स्तर और कमजोर होने की आशंका बढ़ रही है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में नियमित रूप से तैनात किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को समय पर शिक्षा मिल सके और विद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण बेहतर बन सके।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम प्रकाश ने बताया कि संबंधित शिक्षकों को स्थायी रूप से बीआरसी पर तैनात नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीआरसी में जब कोई विशेष विभागीय कार्य या दायित्व होता है, तभी उन्हें बुलाया जाता है।






