नई दिल्ली. भारत के लिए एशियन गेम्स में शनिवार का दिन बेहद यादगार और सफल साबित हुआ. भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदक अपने नाम किए, जिनमें कबड्डी टीमों का दोहरा स्वर्ण पदक सबसे प्रमुख आकर्षण रहा. पुरुष और महिला दोनों कबड्डी टीमों ने अपने-अपने कड़े मुकाबलों में ईरान को पराजित कर सोने का तमगा हासिल किया. इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही प्रतियोगिता में भारत की कुल पदक संख्या 30 तक पहुंच गई, जिसमें 4 स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य पदक शामिल हैं.
दिन की शुरुआत भारतीय एथलेटिक्स दल के लिए एक ऐतिहासिक सरप्राइज के साथ हुई. मंडी (हिमाचल प्रदेश) के 28 वर्षीय सैन्यकर्मी सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में अविश्वसनीय दौड़ लगाते हुए रजत पदक जीता. सावन ने 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे 11 मिनट और 37 सेकंड में पूरी करके न केवल देश को पदक दिलाया, बल्कि अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. इस स्पर्धा का स्वर्ण जापान के इचितका यामाशिता ने 2:10:49 समय के साथ जीता, जबकि चीन के पेइयाउ फेंग 2:12:13 के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहे. एशियाई खेलों के इतिहास में मैराथन स्पर्धा में भारत का यह केवल चौथा पदक है. इससे पहले 1951 के उद्घाटन एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था, जबकि 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में होसुर कुकप्पा सीताराम ने कांस्य पदक अपने नाम किया था. सावन बरवाल ने 44 साल बाद मैराथन में पदक जीतकर भारतीय खेलों में नया अध्याय जोड़ दिया.
भारत ने नौवीं बार जीता एशियन गेम्स में कबड्डी का गोल्ड मेडल.
कबड्डी में भारत का दोहरा स्वर्ण और दबदबा
दिन की सबसे बड़ी कामयाबी मैट पर देखने को मिली, जहां भारतीय कबड्डी टीमों ने महाद्वीप में अपना दबदबा बरकरार रखा. पुरुष कबड्डी टीम ने बेहद संघर्षपूर्ण और रोमांचक फाइनल मुकाबले में ईरान को 40-34 से मात दी. इस जीत के साथ ही पुरुषों ने एशियाई खेलों में अपना नौवां स्वर्ण पदक हासिल किया, जो खेल पर उनके वर्चस्व को दर्शाता है. वहीं, महिला फाइनल में भी कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहां भारतीय महिलाओं ने अपने धैर्य पर नियंत्रण रखते हुए ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. एशियाई खेलों के इतिहास में महिला टीम का यह चौथा स्वर्ण पदक था. इन दो स्वर्ण पदकों ने भारत की कुल तालिका में न केवल चमक बिखेरी, बल्कि दल के उत्साह को भी दोगुना कर दिया.
निशानेबाजी में राइफल टीम का रजत पदक
निशानेबाजी में भी भारत की झोली में पदक आया. तिलोत्तमा सेन, विदारसा विनोद और आंशी चौकसे की भारतीय त्रिमूर्ति ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन्स टीम स्पर्धा में कुल 1763 अंकों के साथ रजत पदक पर कब्जा जमाया. इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन की टीम ने 1773 अंकों के नए एशियाई खेल रिकॉर्ड के साथ जीता, जबकि कजाकिस्तान 1754 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा. हालांकि, व्यक्तिगत स्पर्धाओं में तिलोत्तमा चौथे और विदारसा पांचवें स्थान पर रहकर पदक से चूक गईं.
ट्रैक एंड फील्ड में मिला-जुला प्रदर्शन
एथलेटिक्स के अन्य मुकाबलों में भारत को मिला-जुला परिणाम मिला. महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में प्राची चौधरी ने 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता. बहरीन की सल्वा नासेर ने 49.20 सेकंड के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण और ईरान की ज़हरा ज़ारेई ने 52.38 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया. वहीं पुरुषों के शॉट पुट में दो बार के गत चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर को रजत पदक से संतोष करना पड़ा. तजिंदरपाल ने 20.64 मीटर का थ्रो किया, जो उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 21.77 मीटर से काफी कम था. ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने 20.81 मीटर के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता.
स्क्वैश कोर्ट में खिलाड़ियों की ऐतिहासिक सफलता
स्क्वैश कोर्ट से भारत के लिए दोहरी खुशी की खबर आई. 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए विश्व की छठे नंबर की खिलाड़ी जापान की सातोमी वातानाबे को 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से हराकर महिला एकल के फाइनल में प्रवेश किया. पुरुषों में अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को सीधे सेटों में 11-3, 12-10, 11-6 से हराकर फाइनल का टिकट पक्का किया. इन दोनों खिलाड़ियों का फाइनल में पहुंचना 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक की उम्मीदों को भी बल देता है. इससे पहले मिश्रित युगल स्पर्धा में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी को हॉन्कॉन्ग से हारकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.
भारत की महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड
हॉकी, तीरंदाजी और बैडमिंटन में शानदार बढ़त
अन्य खेलों में, भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल का रास्ता तय किया. तीरंदाजी में धीरज बोम्मदेवरा ने पुरुषों के रिकर्व क्वालिफिकेशन में 698 अंकों के नया एशियाई खेल रिकॉर्ड बनाया, जबकि चिकिथा तानीपार्थी ने कंपाउंड वर्ग में शीर्ष स्थान पाया. बैडमिंटन में 19 वर्षीय उन्नति हुड्डा ने दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी पुत्री कुसुमा वर्दानी को हराकर महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी भी आगे बढ़ने में सफल रही. तालिका में पदक दर्ज करने और व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाने के लिहाज से शनिवार का दिन भारतीय खेल के इतिहास में एक सुनहरे पन्ने के रूप में दर्ज हो गया.
