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Asian Games 2026: सेमीफाइनल मुकाबला सुचिका के हाथ से नहीं, बल्कि एक ऐसे नियम से निकला, जिसकी उन्हें शायद सबसे ज्यादा कीमत चुकानी पड़ी. ऐसी हार दिल तोड़ जाती है. मिक्स्ड मार्शल आर्ट एथलीट सुचिका के साथ भी यही हुआ. जजमेंट के बाद भारतीय फाइटर ने अपनी प्रतिद्वंद्वी या रेफरी से हाथ तक नहीं मिलाया. सुचिका इस कदर टूट चुकीं थीं कि कोच उन्हें संभालते नजर आए. निराशाजनक हार के बावजूद यह कांस्य पदक एशियाई खेलों में मिश्रित मार्शल आर्ट में भारत का पहला पदक है.
सुचिका तरियाल को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में विवादित फैसले का शिकार होना पड़ा.
आईची-नागोया: आज जब एशियन गेम्स के मैट पर सुचिका तरियाल फूट-फूटकर रो रहीं थीं तो हर किसी ने यही सोचा कि हार का दर्द है. मगर सुचिका अपनी प्रतिद्वंद्वि से नहीं बल्कि किस्मत से हारीं. चलिए दो साल पीछे चलते हैं. कट टू पेरिस ओलंपिक 2024. याद कीजिए विनेश फोगाट का वो रोता हुआ चेहरा. भारतीय खेलों का सबसे दर्दनाक पल. महज 100 ग्राम ज्यादा वजन के कारण उनका फाइनल का सपना टूट गया था. अब एशियन गेम्स में सुचिका तरियाल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है.
नियमों की मार, सीधा दिल पर वार
सुचिका तरियाल को सोमवार को एशियन गेम्स की महिला पारंपरिक 60 किग्रा मिश्रित मार्शल आर्ट (एमएमए) इवेंट के सेमीफाइनल में सिंगापुर की हुई हून टियो के खिलाफ विवादास्पद फैसले का शिकार होना पड़ा. फाइनल टाइम तक भी जब दोनों प्लेयर्स के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा तो कम वजन के आधार पर टियो को विनर घोषित कर दिया गया और सुचिका का गोल्ड मेडल जीतने का सपना अधूरा रह गया, उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा.
Through tears of raw emotion, Suchika Tariyal opens up about the years of sacrifice, perseverance and family support that carried her to a historic Bronze Medal in MMA. 🥹🥉
Her journey, her resilience, her moment. India celebrates you, Suchika! 💙

