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Who is Suchika Tariyal: एशियन गेम्स में उत्तर प्रदेश की सुचिका तारियाल ने इतिहास रचते हुए भारत के लिए मिक्स मार्शल आर्ट्स (MMA) में पहला पदक पक्का कर लिया है. महिलाओं के ट्रेडिशनल 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की खिलाड़ी को 2-0 से हराकर वे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं. जूडो और जू-जित्सु की पूर्व चैंपियन सुचिका की यह ऐतिहासिक उपलब्धि सालों की कड़ी मेहनत और समर्पण का नतीजा है, जिसने भारतीय खेलों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है.
सुचिका तारियाल ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक पक्का किया.
नई दिल्ली. भारतीय मिक्स मार्शल आर्ट्स की दुनिया में रविवार का दिन एक नया इतिहास रचने वाला साबित हुआ. उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे बुढ़ाना की रहने वाली 36 वर्षीय एथलीट सुचिका तारियाल ने एशियन गेम्स में एमएमए इवेंट में भारत के लिए पदक सुरक्षित कर लिया है. महिलाओं के ट्रेडिशनल 60 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर उन्होंने इतिहास रचा, जहां क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने मंगोलिया की एल्टनचिमेग बैगलमा को 2-0 से करारी शिकस्त दी. इस शानदार जीत के साथ ही उन्होंने कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है, जो एशियाई खेलों के इतिहास में मिक्स मार्शल आर्ट्स (MMA) में भारत का पहला पदक है.
सुचिका तारियाल (Suchika Tariyal) की यह उपलब्धि कोई अचानक मिली सफलता नहीं है, बल्कि यह सालों की कड़ी मेहनत, समर्पण और अलग-अलग मार्शल आर्ट्स विधाओं में खुद को साबित करने के लंबे संघर्ष का परिणाम है. उनका खेल सफर जूडो के मैट से शुरू हुआ था. शुरुआती करियर में ही उन्होंने गजब का प्रदर्शन करते हुए आठ बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 20 से अधिक प्रतियोगिताओं में भाग लिया और भारत का परचम लहराया.
जूडो और जू-जित्सु में सफलताओं का सफर
साल 2018 में आयोजित राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था. इसके अगले ही साल, 2019 में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप और दक्षिण एशियाई खेल (साउथ एशियन गेम्स) दोनों में स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया. जूडो के अलावा सुचिका ने जू-जित्सु (Ju-Jutsu) में भी महारत हासिल की और आगे चलकर वर्ल्ड जू-जित्सु चैंपियन बनने के साथ-साथ एशियन जू-जित्सु चैंपियन का खिताब भी अपने नाम किया.
चुनौतियों का सामना और वापसी का जज्बा
हालांकि, हर खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं और सुचिका के सफर में भी कई चुनौतियां आईं. 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने 57 किग्रा वर्ग में भाग लिया था, लेकिन बेहद करीबी मुकाबले के बाद वे पदक की दौड़ से बाहर हो गई थीं. इसके अलावा उन्होंने कई एशियाई जूडो चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया. साल 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियाई खेलों में वे भारत की ओर से ‘कुराश’ (कुश्ती का एक पारंपरिक रूप) खेल में मैदान में उतरीं, हालांकि उस समय वे शुरुआती राउंड में ही बाहर हो गई थीं. इन हारों ने सुचिका के हौसले को तोड़ा नहीं, बल्कि उन्हें और ज्यादा मजबूत बनाया.
मिक्स मार्शल आर्ट्स (MMA) में पर्दापण
मार्शल आर्ट्स के विभिन्न रूपों में सफलता पाने के बाद सुचिका ने मिक्स मार्शल आर्ट्स (MMA) का रुख किया. उनके MMA सफर की शुरुआत 2017 में हुई थी, जब उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही सभी को चौंका दिया. ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन (BRAVE CF) के रिकॉर्ड के मुताबिक, अपने पहले प्रोफेशनल MMA मुकाबले में सुचिका ने डेज़ी सिंह को तीसरे दौर में आर्मबार सबमिशन से हराकर शानदार जीत दर्ज की थी. इसके बाद उन्होंने कुछ सालों तक MMA मुकाबलों से दूरी बनाए रखी और अपने अन्य मार्शल आर्ट्स प्लेटफॉर्म्स पर ध्यान केंद्रित किया.
वैश्विक मंच पर धमाकेदार वापसी
साल 2024 में उन्होंने MMA रिंग में फिर से धमाकेदार वापसी की. उन्होंने एशियाई MMA चैंपियनशिप में दो बार कांस्य पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि वे इस खेल में भी शीर्ष पर पहुंचने का दम रखती हैं. नवंबर 2024 में सुचिका ने आधिकारिक तौर पर वैश्विक संस्था ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन (BRAVE CF) के साथ करार किया. इसके तुरंत बाद, दिसंबर 2024 में ‘BRAVE CF 92’ में उन्होंने फिलीपींस की झेन बुज़ोन का सामना किया और दूसरे दौर में एक बार फिर अपने पसंदीदा आर्मबार सबमिशन दांव से मुकाबला अपने नाम कर लिया. इसके बाद फरवरी 2026 में आयोजित ‘BRAVE CF 104’ में उन्होंने पोलैंड की किंगा जेंड्रासिक के खिलाफ कड़ा मुकाबला लड़ा.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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