नई दिल्ली. भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत ऐतिहासिक जीत के साथ की है. भारत ने अपने पहले मुकाबले में उज्बेकिस्तान को 19-0 के बड़े अंतर से मात दी. दोनों देशों के बीच यह पहला इंटरनेशनल मुकाबला था, जिसमें भारतीय टीम ने शुरू से अंत तक अपना दबदबा बनाए रखा और एकतरफा अंदाज में मैच अपने नाम किया. यह मुकाबला पूरी तरह से भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहा. पूरी टीम ने एकजुट होकर उज्बेकिस्तान के रक्षात्मक चक्रव्यूह को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया. इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारतीय टीम एशियन गेम्स में अपनी अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज करने के बेहद करीब पहुंच गई.
कोच सोर्ड मारिने (Sjoerd Marijne) की देखरेख में मैदान पर उतरी भारतीय टीम ने मैच के पहले मिनट से ही आक्रामक रुख अपनाया. मैच का पहला गोल छठे मिनट में देखने को मिला. नवनीत कौर के शानदार शॉट को उज्बेकिस्तान की गोलकीपर रुशाना चोरिएवा ने शुरुआती बचाव करते हुए रोक तो लिया, लेकिन गेंद छिटककर दूर नहीं जा सकी. वहीं पास में मुस्तैद खड़ी लालरेमसियामी ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट के अंदर पहुंचा दिया और भारत का खाता खोला.
पहला गोल होते ही भारतीय अग्रिम पंक्ति का हौसला सातवें आसमान पर पहुंच गया. शुरुआती दो क्वार्टर में उज्बेकिस्तान की रक्षापंक्ति पूरी तरह से असहाय नजर आई. भारत ने एक के बाद एक हमले बोले और अगले 12 मिनट के भीतर चार और मैदानी गोल दाग दिए. महज 18 मिनट के खेल के भीतर ही पांच अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल करके भारत को 5-0 की बढ़त दिला दी.
उज्बेकिस्तान की टीम पूरे मैच के दौरान आक्रमण करने में पूरी तरह असमर्थ रही. उनके पास भारतीय पेनल्टी कॉर्नर को रोकने या अपनी तरफ से कोई ठोस रणनीति बनाने का कोई जवाब नहीं था. पूरे मुकाबले में उज्बेकिस्तान को सिर्फ एक मौका दूसरे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में मिला, जब शाहजोदा ज़रीपोवा ने बेहद कठिन कोण से एक शॉट लगाया. हालांकि, भारत की अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया ने बेहतरीन तत्परता दिखाते हुए उस शॉट को आसानी से ब्लॉक कर दिया और उज्बेकिस्तान के गोल करने के एकमात्र सपने को भी तोड़ दिया.
दीपिका कुमारी की हैट्रिक और ड्रैगफ्लिक का तूफान
इस मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार 22 वर्षीय युवा खिलाड़ी दीपिका कुमारी रहीं, जिन्होंने अपनी ड्रैगफ्लिक का ऐसा जादू बिखेरा कि उज्बेकिस्तान का गोलकीपर और डिफेंडर सिर्फ गेंद को नेट में जाते देखते रह गए. दीपिका ने अकेले ही मैच में कुल आठ गोल दागे. तीसरे क्वार्टर में दीपिका ने पूरी तरह से मैच पर अपनी पकड़ बना ली. इस क्वार्टर में भारत को एक के बाद एक कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, जिन्हें दीपिका ने बिना किसी चूक के गोल में बदला. तीसरे क्वार्टर में ही दीपिका के बल्ले से चार दनदनाते हुए गोल निकले. पूरे मैच के दौरान उन्होंने छह गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए किए, जबकि दो मैदानी गोल भी उनके नाम रहे. उनकी इस हैट्रिक और लगातार गोल करने की क्षमता ने उज्बेकिस्तान की वापसी की बची-कुची उम्मीदों को भी समाप्त कर दिया.
गोल दागने वालों की लंबी लिस्ट
भारत की इस ऐतिहासिक जीत में पूरी टीम का योगदान सराहनीय रहा. दीपिका कुमारी के आठ गोलों के अलावा टीम की अन्य फॉरवर्ड्स और मिडफील्डर्स ने भी बहती गंगा में हाथ धोए. इशिका ने अपनी बेहतरीन फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए मैच में शानदार तीन गोल (हैट्रिक) अपने नाम किए. उनके अलावा नवनीत कौर ने भी दो गोल दागकर टीम के बड़े स्कोर में अहम योगदान दिया. मिडफील्ड में मजबूत पकड़ बनाने वाली लालथंतलुआंगी ने भी दो गोल किए. मैच में अन्य गोल करने वाले खिलाड़ियों में लालरेमसियामी (जिन्होंने मैच का पहला गोल दागा था), बालजीत कौर, नेहा और साक्षी राणा शामिल रहीं. इन सभी खिलाड़ियों ने एक-एक गोल करके उज्बेकिस्तान के खिलाफ स्कोरबोर्ड को 19-0 तक पहुंचाने में मदद की.
चौथा क्वार्टर और मैच का अंत
तीन क्वार्टर में 16 गोल दागने के बाद, अंतिम और चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने अपने आक्रमण की गति को थोड़ा धीमा किया. कोच की रणनीति के तहत खिलाड़ियों ने बॉल पजेशन पर ध्यान केंद्रित किया और आगे के कठिन मुकाबलों को ध्यान में रखते हुए आक्रामकता को थोड़ा नियंत्रित किया. इसके बावजूद भारतीय फॉरवर्ड्स ने मौका मिलते ही तीन और गोल उज्बेकिस्तान के नेट में डाल दिए. र्धारित समय समाप्त होने तक स्कोर 19-0 हो चुका था. इस बड़ी जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने पूल बी (Pool B) की तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है. भारत का गोल अंतर अब +19 हो गया है, जो उन्हें टूर्नामेंट के अगले दौर के लिए बेहद मजबूत स्थिति प्रदान करता है.
अगला मुकाबला 21 सितंबर को इंडोनेशिया से
अभियान की इतनी शानदार और उत्साहजनक शुरुआत के बाद भारतीय महिला टीम का मनोबल काफी ऊंचा है. भारतीय टीम को आराम करने का अधिक समय नहीं मिलेगा क्योंकि उन्हें कल यानी सोमवार को इसी मैदान गिफू प्रेफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में अपना अगला मुकाबला खेलना है. रत का अगला सामना इंडोनेशिया से होगा. जिस तरह का फॉर्म और तालमेल भारतीय खिलाड़ियों ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ दिखाया है, उसे देखते हुए इंडोनेशिया के खिलाफ भी भारत का पलड़ा काफी भारी माना जा रहा है. भारतीय प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि टीम इसी विजयी लय को बरकरार रखते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल की ओर जबूती से कदम बढ़ाएगी.

