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किशोर कुमार के गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं. उस दशक के सबसे लोकप्रिय सिंगर्स में शुमार किशोर कुमार से जुड़ा एक ऐसा किस्सा है जो आपको हैरान कर देगा. दरअसल, इमरजेंसी के दौरान किशोर कुमार के गानों पर बैन लगा दिया गया था. उनका कोई भी गाना ऑल इंडिया रेडियो पर बनीं बजता था. इसके पीछे सिंगर की एक शर्त थी जिसने अधिकारी को नाराज कर दिया था.
इमरजेंसी के दौरान किशोर कुमार के गाने ऑल इंडिया रेडियो पर बैन हो गए थे.
नई दिल्ली. किशोर कुमार हिंदी सिनेमा के उन महान गायकों में शामिल हैं, जिनकी आवाज का जादू कई दशक बाद भी बरकरार है. उनके गाए गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक दौर ऐसा भी आया था, जब इस दिग्गज गायक के गानों को सरकारी रेडियो और दूरदर्शन पर सुनाने तक पर रोक लगा दी गई थी? यह किस्सा 1975 से 1977 के बीच लगे इमरजेंसी के दौर का है.
इमरजेंसी के दौरान किशोर कुमार को ऑल इंडिया रेडियो यानी एआईआर और दूरदर्शन पर बैन कर दिया गया था. इस पूरे मामले का जिक्र उनके बेटे अमित कुमार ने कपिल शर्मा के शो में किया था. उन्होंने बताया था कि उस समय किशोर कुमार अपने करियर के बेहद ऊंचे मुकाम पर थे और बतौर प्लेबैक सिंगर उनकी जबरदस्त डिमांड थी.
किशोर कुमार के बेटे ने सुनाया किस्सा
अमित कुमार के मुताबिक, इमरजेंसी लगने के बाद किशोर कुमार के पास दिल्ली से एक फोन आया. मंत्रालय से किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क किया और उन्हें दिल्ली आने के लिए कहा. अधिकारी ने कथित तौर पर बताया कि उनके लिए टिकट भेजा जा रहा है और अगले दिन की फ्लाइट से उन्हें दिल्ली पहुंचना है, क्योंकि उसके अगले दिन उनका एक शो रखा गया है.
किशोर कुमार ने इस प्रस्ताव को सीधे स्वीकार करने के बजाय एक शर्त रख दी. उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए अधिकारी अपना कोई प्रतिनिधि भेजें, तभी वह आने के बारे में सोचेंगे. उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर भगवान भी आकर उनसे कहें, तब भी वह इस तरह नहीं आ सकते. उनके इस जवाब से अधिकारी कथित तौर पर नाराज हो गए.
किशोर कुमार की 1 शर्त से लगा था बैन
अमित कुमार ने बताया था कि इस बातचीत के करीब 2 घंटे के भीतर ही किशोर कुमार पर बैन लगा दिया गया. इसके बाद उनके गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर सुनाई देना बंद हो गए. हालांकि, सरकारी माध्यमों से दूरी ने किशोर कुमार की लोकप्रियता को कम नहीं किया. उनके चाहने वालों के बीच उनकी आवाज और गानों का जादू पहले की तरह कायम रहा.जब इमरजेंसी खत्म हुई, तो किशोर कुमार के गाने दोबारा रेडियो और दूरदर्शन पर सुनाई देने लगे. इस घटना ने उनके बेबाक अंदाज और अपने फैसलों पर कायम रहने की छवि को भी और मजबूत किया.
किशोर दा के गाने आज भी हैं सुपरहिट
किशोर कुमार की गायकी की शुरुआत भी बेहद दिलचस्प रही. संगीत निर्देशक खेमचंद प्रकाश ने उन्हें फिल्म ‘जिद्दी’ (1948) में गाने का मौका दिया था. इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक यादगार गाने दिए. ‘एक लड़की भीगी भागी सी’, ‘मेरे सपनों की रानी’, ‘ये शाम मस्तानी’, ‘ओ मेरे दिल के चैन’, ‘हमें तुमसे प्यार कितना’, ‘पल पल दिल के पास’ और ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना’ जैसे गीत उनकी पहचान बन गए.
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From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…
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