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राधा अष्टमी के पावन दिन एक मशहूर भजन ‘भोरी सी राधा प्यारी’ खूब सुना जा रहा है. इसे कथावाचक देवी कृष्णप्रिया ने भक्ति में डूबकर गाया है, जो लोगों के दिल को छू रहा है. लोगों का दिल जीत रहा है. है. यह भजन राधा रानी के प्रेममय स्वरूप को समर्पित है. क्या आपने सुना है यह भजन?
राधा अष्टमी के दिन ‘भोरी सी राधा प्यारी’ खूब सुना जा रहा है.
नई दिल्ली: राधा अष्टमी के पावन अवसर पर जब चारों ओर राधा रानी के भजनों की गूंज सुनाई दे रही है, तब देवी कृष्णप्रिया की मधुर आवाज में गाया गया ‘भोरी सी राधा प्यारी’ फिर ध्यान खींच रहा है. राधा रानी की भक्ति और उनके प्रेममय स्वरूप को समर्पित यह गीत देवी कृष्णप्रिया ने गाया है. उन्होंने गीत के बोल भी ही लिखे हैं. भक्ति, मिठास और भावनाओं से ओतप्रोत भजन को सुनते हुए ऐसा लगता है जैसे राधा-कृष्ण की भक्ति के रंगों में मन कुछ देर के लिए ठहर गया हो.
राधा अष्टमी पर क्यों खास है यह भजन?
इस साल राधा अष्टमी 19 सितंबर को मनाई जा रही है. यह दिन राधा रानी के प्राकट्य उत्सव के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. ऐसे में ‘भोरी सी राधा प्यारी’ जैसे भजनों की लोकप्रियता बढ़ जाती है. देवी कृष्णप्रिया की खासियत सिर्फ उनकी आवाज नहीं, बल्कि भक्ति को सहज और भावयुक्त तरीके से जाहिर करने की शैली भी है. यही कारण है कि उनका जुड़ाव सिर्फ कथा सुनने वाले श्रोताओं तक सीमित नहीं दिखाई देता. डिजिटल मंचों पर उनके भजन और कथाएं नई पीढ़ी तक भी पहुंच रही हैं.
कथा मंच पर भी अलग पहचान
आज की युवा कथावाचक पीढ़ी ने धार्मिक कथाओं को पारंपरिक मंच से निकालकर डिजिटल दुनिया तक पहुंचाया है. इस बदलाव में देवी कृष्णप्रिया की पहचान उनकी कथा-वाचन शैली के साथ-साथ भक्ति संगीत से भी बनती है. उनकी प्रस्तुतियों में कथा, भजन और भावनात्मक संवाद का मेल देखने को मिलता है. जया किशोरी, देवी चित्रलेखा और पलक किशोरी जैसी चर्चित कथावाचिकाओं के बीच देवी कृष्णप्रिया की पहचान इस मायने में अलग दिखाई देती है. वे कथा-वाचन के साथ संगीत और भक्ति गीतों को भी अपनी प्रस्तुति का हिस्सा बनाती हैं. उनके ‘भोरी सी राधा प्यारी’ जैसे गीत इसी धार्मिक प्रस्तुति की झलक देते हैं.
भाव वही अंदाज नया
आज जब भारत में पॉपुलर फीमेल कथावाचक की चर्चा डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुकी है, देवी कृष्णप्रिया का नाम भी इस नई पीढ़ी के बीच तेजी से सामने आता है. वहीं पॉपुलर कथावाचक की बदलती दुनिया में उनका अंदाज यह दिखाता है कि युवाओं तक पहुंचने के लिए सिर्फ कथा ही नहीं, बल्कि संगीत, भाव और डिजिटल माध्यम भी अहम हो चुके हैं. राधा अष्टमी के दिन ‘भोरी सी राधा प्यारी’ की मधुरता सुनना इसी बदलते भक्ति संसार की एक खूबसूरत झलक है, जहां परंपरा वही है, लेकिन उसे सुनाने और लोगों तक पहुंचाने का अंदाज नया है.
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अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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