सलखन संवाददाता@बद्री प्रसाद…

चोपन थाना क्षेत्र के गुरमा-मारकुंडी मार्ग पर जिला जेल के मध्य स्थित घाघर नदी पुल के ध्वस्तीकरण के बाद आवागमन की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है। नदी के समीप बनाया गया वैकल्पिक संपर्क मार्ग पहली बरसात में तेज बहाव की चपेट में आकर बह जाने से क्षेत्र की आवागमन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। इससे स्थानीय ग्रामीणों के साथ जिला कारागार के कर्मचारियों, जेल मुलाकातियों, मरीजों, बुजुर्गों तथा आसपास के विद्यालयों में आने-जाने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

समस्या से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों एवं युवाओं ने शनिवार को घाघर नदी में निर्माणाधीन नई पुल के समीप पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यदायी संस्था एवं संबंधित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मांग की कि लोगों की परेशानी को देखते हुए बिना विलंब वैकल्पिक संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके।मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने संस्था के व्यवस्थापक से सेलफोन पर वार्ता कर शीघ्र वैकल्पिक संपर्क मार्ग तैयार कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि रविवार से कार्य शुरू नहीं कराया गया तो क्षेत्र के ग्रामीण बड़े स्तर पर आंदोलन करते हुए जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि घाघर पुल और संपर्क मार्ग की समस्या के कारण रोजमर्रा के आवागमन पर सीधा असर पड़ रहा है। जिला जेल आने-जाने वाले मुलाकाती, कर्मचारी, मरीज, स्कूली बच्चे और स्थानीय ग्रामीण इस समस्या से प्रभावित हैं। ऐसे में वैकल्पिक मार्ग के साथ-साथ पुल निर्माण कार्य में भी तेजी लाना आवश्यक है, ताकि क्षेत्रवासियों को स्थायी राहत मिल सके।

प्रदर्शन के दौरान चंदन सिंह, शुभम गुप्ता, आदित्य सिंह उर्फ बल्लू, मुलायम सिंह यादव, अमरजीत यादव, डा. भुआल शर्मा, हीरा पनिका, विनोद विश्वकर्मा, सुरेंद्र गुप्ता, रोहित रजक, गुलाब नबी,महफूज खान,बाबूलाल भारती, किशुन भारती, धीरेंद्र यादव, दीपक सोनी, किशन भारती, इंद्रदेव कनौजिया, सत्या, सुनील सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं युवा मौजूद रहे।

इस संबंध में सार्वजनिक निर्माण विभाग के जेई रवि मौर्य से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि नदी में तेज पानी के बहाव के कारण कार्य अवरुद्ध हुआ था। जल्द ही मैटेरियल गिराकर वैकल्पिक संपर्क मार्ग का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।अब देखना यह है कि विभागीय आश्वासन के बाद वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कितनी शीघ्रता से शुरू होता है और घाघर पुल निर्माण कार्य को कब तक गति मिलती है। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।

