Agency:एजेंसियां
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उत्तर प्रदेश में आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने अलकायदा इन इंडियन सब-कांटीनेंट (AQIS) से जुड़े दो और संदिग्ध युवकों की तलाश तेज कर दी है. पिछले दिनों आजमगढ़ और तमिलनाडु से गिरफ्तार किए गए आतंकी मोहम्मद नबील और मकसूद अली से पूछताछ के बाद एटीएस को इनके बारे में अहम सुराग मिले हैं. एटीएस पिछले छह महीनों में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के स्लीपर सेल नेटवर्क से जुड़े 52 संदिग्धों को दबोच चुकी है. अब गिरफ्तार आतंकियों के मोबाइल फोन से मिले पाकिस्तानी नंबरों और चैट्स की जांच की जा रही है, जिससे राज्य में बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है.
यूपी एटीएस के निशाने पर अलकायदा के दो और आतंकवादी. (फाइळ फोटो)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने उत्तर प्रदेश में फैले अलकायदा इन इंडियन सब-कांटीनेंट (AQIS) के खिलाफ अपना शिकंजा कस दिया है. एटीएस को हाल ही में गिरफ्तार किए गए दो संदिग्ध आतंकियों से कुछ ऐसे खतरनाक इनपुट हाथ लगे हैं, जिसके बाद अलकायदा से जुड़े दो और नए युवकों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी और दबिश तेज हो गई है. इस खुलासे के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. इन दोनों संदिग्धों की तलाश जारी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दोनों अज्ञात नए संदिग्धों की पुख्ता और ठोस जानकारी पिछले दिनों 12 और 14 सितंबर को एटीएस द्वारा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और दक्षिण भारत के तमिलनाडु से गिरफ्तार किए गए कुख्यात आतंकी मोहम्मद नबील और मकसूद अली से पूछताछ के दौरान मिली है. एटीएस की विशेष टीमें अब इन दोनों की निशानदेही पर उनके अन्य साथियों, मददगारों और स्लीपर सेल के गुर्गों को शिकंजे में लेने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं. माना जा रहा है कि इनकी गिरफ्तारी से अलकायदा के कई अन्य गुप्त और राज भी बेनकाब हो सकते हैं.
शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर भी कसा जा रहा है शिकंजा
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में पिछले लंबे समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित पाक गैंगस्टर शहजाद भट्टी अपने स्लीपर सेल के जरिए नापाक तरीके से आतंकी नेटवर्क फैलाने की कोशिशों में जुटा हुआ था. इसी खतरे को भांपते हुए एटीएस ने पिछले छह महीनों के भीतर ही बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 12 मुकदमे दर्ज किए और शहजाद भट्टी के नापाक नेटवर्क से जुड़े कुल 52 संदिग्ध आतंकियों को एक-एक कर दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है. एटीएस की पुख्ता रिपोर्ट और सिफारिश के बाद ही केंद्र सरकार ने हाल ही में शहजाद भट्टी के इस पूरे सिंडिकेट को आधिकारिक तौर पर ‘आतंकी नेटवर्क’ घोषित कर दिया है.
मोबाइल फोन और पाकिस्तानी नंबरों की हो रही है स्कैनिंग
हालांकि, केंद्रीय स्तर पर इस कार्रवाई से पहले ही उत्तर प्रदेश के भीतर प्रतिबंधित अलकायदा (AQIS) ने अपने स्लीपर सेल और नेटवर्क को सक्रिय करना शुरू कर दिया था. गिरफ्तार किए गए नबील और मकसूद अली इसी खतरनाक अलकायदा नेटवर्क के अहम मोहरे बताए जा रहे हैं. एटीएस की हाई-टेक और साइबर सेल टीम ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की डेटा रिकवरी और फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है, जिससे कई संदिग्ध फोन नंबर हाथ लगे हैं. जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इन नंबरों में कुछ पाकिस्तानी नंबर भी शामिल हैं. एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी इस बात की बेहद गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि इन नंबरों का इस्तेमाल कौन-कौन कर रहा था, आरोपियों ने इनसे कब-कब और कितनी बार बातचीत की, तथा विभिन्न सोशल मीडिया चैटिंग ऐप्स पर किन देश-विरोधी संदेशों का आदान-प्रदान किया गया था.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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