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मिर्जापुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अब पर्यटकों को घूमने के साथ खाने-पीने की सुविधा भी मिलेगी. प्रशासन की ओर से लखनिया दरी, सिद्धनाथ की दरी, टांडाफॉल, विंढमफॉल और खड़ंजा में पायलट प्रोजेक्ट के तहत फूड प्लाजा शुरू करने की तैयारी है. यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं देसी, चाइनीज और साउथ इंडियन फूड उपलब्ध कराएंगी. इस पहल से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ महिलाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा.
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित पर्यटन स्थलों पर अब खाने-पीने की भी सुविधा मिलेगी. पर्यटन स्थलों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा फूड प्लाजा लगाया जाएगा, जहां पर अलग-अलग तरीके की साउथ इंडियन और देसी फूड का आनंद पर्यटक उठा सकेंगे.
मिर्जापुर जिले में 16 से ज्यादा पर्यटन स्थल मौजूद हैं. इनमें से 10 पर्यटन स्थल ऐसे हैं, जहां पर काफी संख्या में पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है. शनिवार और रविवार को हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पर पहुंचते हैं.
मिर्जापुर के प्रमुख पर्यटन स्थल लखनिया दरी, सिद्धनाथ की दरी, टांडाफॉल, विंढमफॉल और खड़ंजा में पायलट प्रोजेक्ट के तहत फ़ूड प्लाजा को शुरू किया जाएगा. सफल होने के बाद इसे अन्य स्थानों पर भी शुरू किया जाएगा.
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प्रोजेक्ट के तहत इन सभी स्थानों पर स्वयं सहायता समूह को जगह उपलब्ध कराया जाएगा, जहां पर समूह की महिलाओं के द्वारा ही फूड कोर्ट लगाया जाएगा. फूड कोर्ट में अलग-अलग तरीके के सामान उपलब्ध रहेंगे.
देसी फूड चाइनीस फूड साउथ इंडियन फूड सहित अन्य तरीकों के खान-पान के समान यहां पर उपलब्ध रहेंगे. खास बात यह हैं कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसके माध्यम से रोजगार मिलेगा.
सीडीओ ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार सरकार प्रयासरत है. ऐसे में पर्यटन स्थलों पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन के द्वारा नवाचार प्रयोग किया जा रहा है.
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मौका दिया जाएगा. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा फूड कोर्ट के माध्यम से रोजगार को पर्यटन स्थल पर शुरू कर सकते हैं. पर्यटन स्थल पर उन्हें स्थान मुहैया कराया जाएगा.

