संवाददाता@आनंद गुप्ता…..

विंढमगंज थाना क्षेत्र के आदर्श नगर विंढमगंज से रेलवे स्टेशन और आसपास के गांवों को जोड़ने वाला मार्ग करीब 80 प्रतिशत तक बन चुका है, लेकिन शेष लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा अधूरा होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधूरे हिस्से में बारिश के दौरान कीचड़ और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग गांव के बच्चों के लिए विद्यालय और बाजार जाने का सबसे नजदीकी रास्ता है। दूसरा रास्ता अपनाने पर करीब दो से तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में बच्चे और ग्रामीण इसी मार्ग से आने-जाने को मजबूर हैं।
मार्ग रेलवे लाइन के समीप होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां सुरक्षित आवागमन के लिए अंडरपास की सुविधा भी नहीं है, जिसके कारण रेलवे लाइन पार करने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीण सुरेंद्र रावत, गिरिवर पासवान, नीरज गुप्ता,गौतम और जगदीश यादव ने बताया कि यह रास्ता केवल गांव के लोगों और स्कूली बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि रेलवे विभाग से जुड़े लोगों के आवागमन में भी उपयोग होता है। इसके बावजूद अधूरे हिस्से को पूरा कराने और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था को लेकर अब तक अपेक्षित पहल नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा कई बार मार्ग निर्माण की बात उठाई गई, लेकिन रेलवे की भूमि का क्षेत्र होने के कारण पंचायत स्तर से निर्माण कार्य में बाधा आती है। ग्रामीणों के मुताबिक, शेष मार्ग का निर्माण रेलवे विभाग के स्तर से ही कराया जा सकता है।

ग्रामीणों ने रेलवे विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि अधूरे हिस्से का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए तथा रेलवे लाइन के पास बच्चों और ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि रोजाना की इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके।
