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Kanpur-Lucknow Expressway News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा हादसा टल गया. बंथरा के पास एलिवेटेड रोड से अचानक स्लैब का भारी मलबा गिरने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद कानपुर से लखनऊ आने वाली लेन पर ट्रैफिक अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है. एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी पीएनसी को नोटिस जारी किया है और ढाई मीटर स्पैन का नॉन-डिस्ट्रेक्टिव टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं. प्रारंभिक जांच में कंक्रीट की ढलाई के दौरान गंभीर खामियां और लापरवाही उजागर हुई है.
कानपुर से लखनऊ जाने वाले मार्ग बंद है. (फोटो सभार: News on AIR)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण को लेकर सवाल उठने लगे हैं. उद्घाटन से पहले ही ये एक्सप्रेसवे निशाने पर है. अब रविवार को एलिवेटेड रोड के स्लैब का भारी-भरकम मलबा गिरने से हड़कंप मचा हुआ है. प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में कानपुर से लखनऊ जाने वाले एलिवेटेड सड़क को पूरी तरह से बंद कर दिया है. साथ ही, एनएचएआई ने इसे बनाने वाली कंपनी को नोटिस जारी किया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 13 सितंबर की रात करीब 11:40 बजे बंथरा थाना क्षेत्र के आजाद गेस्ट हाउस के पास और किलोमीटर संख्या 19.500 के नजदीक एलिवेटेड रोड की स्लैब का कंक्रीट और मलबा भरभराकर नीचे आ गिरा. गनीमत यह रही कि उस वक्त नीचे से कोई राहगीर या बड़ा वाहन नहीं गुजर रहा था, वरना एक बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था. गिरी हुई स्लैब की सरिया पूरी तरह से बाहर झांक रही हैं और उनमें छोटे-छोटे छिद्र साफ देखे जा सकते हैं. हालांकि, सोमवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 27) पर फैले मलबे को हटवाकर नीचे के ट्रैफिक को सुचारू करा दिया गया, लेकिन एलिवेटेड लेन पर आवागमन पूरी तरह से ठप है.
जुलाई से जारी है सड़क धंसने और दरारों का सिलसिला
यह कोई पहली घटना नहीं है जब इस एक्सप्रेसवे पर सवाल उठे हों. बीते 26 जुलाई से ही इस एक्सप्रेसवे के ग्रीन फील्ड और एलिवेटेड हिस्सों पर लगातार सड़क धंसने, दरारें पड़ने और मिट्टी बैठने का सिलसिला चल रहा है. निर्माण की ऐसी लचर और खतरनाक स्थिति देखकर आम जनता और वाहन चालकों के मन में यह डर बैठ गया है कि क्या यह एक्सप्रेसवे सफर के लिए वास्तव में सुरक्षित है भी या नहीं.
प्रारंभिक जांच में खुली संस्था की पोल
एनएचएआई की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. जांच में पता चला है कि एलिवेटेड रोड की ढलाई करते वक्त कार्यदायी संस्था (PNC) ने सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया:
- ढलाई के दौरान सीमेंटेड कवर ब्लॉक या तो न के बराबर इस्तेमाल किए गए या सरिए को मानक के अनुसार उठाया नहीं गया.
- कंक्रीट की ढलाई करते समय तुरंत वाइब्रेटर का सही इस्तेमाल होना चाहिए था, जो कि नहीं किया गया.
- इस बड़ी लापरवाही के कारण कंक्रीट अंदर तक ठीक से बैठ नहीं सकी और उसमें कमजोरियां रह गईं.
- सीमेंट की गुणवत्ता में खामी है या उसकी मात्रा कम है, इसका असली खुलासा स्पैन की मजबूती का परीक्षण होने के बाद ही चल सकेगा.
एनएचएआई सख्त: पीएनसी को थमाया नोटिस, होगा नॉन-डिस्ट्रेक्टिव टेस्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी पीएनसी (PNC) के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. प्राधिकरण ने एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है कि आखिर स्लैब का मलबा कैसे गिरा और 18 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड हिस्से में अन्यत्र क्या खामियां हैं. एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि बंथरा के पास करीब ढाई मीटर चौड़ा स्लैब का हिस्सा गिरा है, जिसकी युद्धस्तर पर मरम्मत कराई जा रही है. इसकी उच्चस्तरीय जांच के तहत संबंधित स्पैन का नॉन-डिस्ट्रेक्टिव टेस्ट (NDT) कराया जा रहा है, जिससे उसकी वास्तविक मजबूती और इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता जांची जा सकेगी.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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