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झीलों की नगरी उदयपुर के लिए गर्व का पल है। शहर के युवा कयाकिंग-कैनोइंग खिलाड़ी हर्षवर्धन सिंह शक्तावत का चयन एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है. फतहसागर झील से शुरू हुआ उनका सफर अब जापान तक पहुंच गया है, जहां वे कैनो स्प्रिंट वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. करीब सात साल की उम्र से खेलों की दुनिया में कदम रखने वाले हर्षवर्धन ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल किया है.
झीलों की नगरी उदयपुर के लिए खेल जगत से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. शहर के कयाकिंग-कैनॉयंग खिलाड़ी हर्षवर्धन सिंह शक्तावत अब जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. हर्षवर्धन का चयन कैनो स्प्रिंट वर्ग के लिए भारतीय टीम में हुआ है, एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में होना है.
हर्षवर्धन के इस सफर की शुरुआत भी उदयपुर की फतहसागर झील से ही हुई. राजस्थान कयाकिंग-कैनॉयंग संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि जब उदयपुर में इस खेल की शुरुआत हुई थी, तभी उनका सपना था कि शहर से कोई खिलाड़ी एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच तक पहुंचे. अब हर्षवर्धन ने इस सपने को पूरा कर दिखाया है.
हर्षवर्धन करीब 7 साल की उम्र में अपने पिता निरंजन सिंह शक्तावत और माता के साथ बीएन तरणताल में तैराकी सीखने आए थे. करीब 5 साल तक तैराकी और फिटनेस प्रशिक्षण लेने के बाद उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें फतहसागर स्थित कयाकिंग सेंटर पर कैनो का अभ्यास शुरू करवाया गया. लगातार बेहतर प्रदर्शन के बाद उन्हें भोपाल के साई सेंटर और फिर हाई परफॉर्मेंस सेंटर में विशेष प्रशिक्षण मिला.
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हर्षवर्धन ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते और भारत का प्रतिनिधित्व भी किया. आगे उन्हें उत्तराखंड के टिहरी बांध स्थित THDC-IKCA हाई परफॉर्मेंस कयाकिंग एंड कैनोइंग अकादमी में प्रशिक्षण का मौका मिला. यहां विदेशी प्रशिक्षकों की देखरेख में आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीक से प्रशिक्षण दिया जाता है. कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर हर्षवर्धन ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया और अब उनका चयन एशियन गेम्स के लिए हुआ है.
राजस्थान ड्रैगन बोट/कैनो स्प्रिंट के चेयरमैन अजय अग्रवाल ने हर्षवर्धन को बधाई देते हुए उनके पदक जीतने की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि उदयपुर के वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है. पूर्व खिलाड़ी नेहा कुमावत का ओलंपिक क्वालीफाइंग राउंड तक पहुंचना भी इस क्षेत्र की प्रतिभा को दिखाता है. सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर उदयपुर के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं.
