संवाददाता@रामबली मिश्रा…..
— निर्जला व्रत रखकर महिलाओं व कन्याओं ने की हरतालिका तीज व्रत

समूचे क्षेत्रो के मंदिरों में सोमवार की सुबह कठोर हरतालिका तीज व्रत सुहागिन महिलाओं ने पति के दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य वती होने की व्रत रखी। इसी के साथ गणेश चतुर्थी का पर्व एक साथ होने से भगवान शिव पार्वती के साथ प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा अर्चना बेड़ियां हनुमान मंदिर, एन टी पी सी रिहंदेश्वर महादेव,अजीरेश्वर महादेव धाम जरहा,शिव मंदिर सिरसोती सहित अन्य मंदिरों में सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके विधि विधान से फल,फूल, मिष्ठान,नारियल , बेलपत्र, दूब आदि और सोलह शृंगार का सामान चढ़ा कर भगवान शंकर व मां पार्वती की पूजा अर्चना की।

बेड़ियां हनुमान मंदिर के पुजारी आचार्य अनूप शुक्ला ने बताया कि महिलाएं व कुंवारी कन्याएं हरतालिका तीज व्रत कठोर तपस्या वाला व्रत है। जो मां पार्वती जंगल में रहकर कई वर्षों तक तपस्या कर भगवान शिव को पति के रूप में पाई थी। उन्होने सबसे पहले भगवान शिव को पाने के लिए हरतालिका तीज व्रत कर दीर्घायु और अखंड सौभाग्य वती के लिए रखी थी। तभी से यह व्रत कुंवारी कन्याएं भी योग्य वर प्राप्ति के लिए और महिलाए अखंड सौभाग्यवती होने के लिए व्रत रखती है ।

सच्चे मन से कठोर तपस्या का यह व्रत जो धारण कर भोलेनाथ और मां पार्वती का विधि-विधान से पूजन अर्चन करती है। निश्चित ही उनकी मुराद बाबा भोलेनाथ, मईया पार्वती पूरी करती हैं। हरतालिका तीज का यह व्रत माता पार्वती भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए और पुनर्मिलन के लिए मनाया जाता है। पूजा अर्चना एवं भक्तिमय गीतों की गूंज से समूचा इलाका भक्तिमय हो गया।
