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India wins AHF Men’s Junior Asia Cup Title: भारत ने साउथ कोरिया को फाइनल में 4-1 से हराकर लगातार चौथी बार खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम ने फाइनल में शानदार खेल का प्रदर्शन किया. भारत ओवरऑल छठी बार चैंपियन बना. इससे पहले भारतीय महिला टीम ने मेजबान चीन को हराकर लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. खिताबी जीत के साथ भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप में अपनी जगह भी पक्की कर ली.
भारतीय मेंस जूनियर हॉकी टीम ने जीता एशिया कप खिताब.
नई दिल्ली. भारतीय हॉकी के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक ‘सुपर संडे’ साबित हुआ. महिला जूनियर एशिया कप में भारतीय बेटियों की खिताबी हैट्रिक के बाद अब भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने भी अपना जलवा दिखाते हुए एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है. एएचएफ जूनियर एशिया कप के इस हाई-वोल्टेज और बेहद रोमांचक खिताबी मुकाबले में भारतीय पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 4-1 के अंतर से करारी शिकस्त दी. इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने न केवल अपने महाद्वीपीय खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया, बल्कि एशियाई हॉकी में भारत के एकछत्र दबदबे पर एक बार फिर मुहर लगा दी.
इस खिताबी जीत के साथ ही भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच जूनियर विश्व कप के लिए भी अपना आधिकारिक टिकट पक्का कर लिया है. एक ही दिन में देश की दोनों युवा टीमों का महाद्वीपीय चैंपियन बनना भारतीय खेल इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है. महिला टीम की जीत के तुरंत बाद पुरुषों द्वारा साउथ कोरिया जैसी मजबूत टीम को एकतरफा अंदाज में ध्वस्त करने से पूरे देश में जश्न का माहौल है. मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही जिस आक्रामकता, गति और अनुशासन का प्रदर्शन किया, उसने कोरियाई टीम को पूरे 60 मिनट तक बैकफुट पर धकेल कर रखा.
भारतीय मेंस जूनियर हॉकी टीम ने जीता एशिया कप खिताब.
शुरुआती हाफ में अजीत और अनमोल का जलवा
मैच की शुरुआत से ही भारतीय फॉरवर्ड लाइन ने कोरियाई रक्षापंक्ति पर चौतरफा हमले बोलना शुरू कर दिया था. भारतीय टीम के इरादे पहले क्वार्टर से ही बिल्कुल साफ नजर आ रहे थे. मैच के 9वें मिनट में भारत को पहला ब्रेकथ्रू मिला, जब प्रतिभाशाली खिलाड़ी अजीत यादव ने शानदार मैदानी गोल दागकर टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी. इस शुरुआती झटके से कोरियाई टीम अभी उबर भी नहीं पाई थी कि भारतीय खिलाड़ियों ने अपने आक्रमण को और तेज कर दिया. 13वें मिनट में अनमोल एक्का ने एक बेहतरीन तालमेल से बने मूव को गोल में तब्दील करते हुए भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया. पहले ही क्वार्टर में दो गोल दागकर भारत ने मैच पर पूरी तरह से अपना शिकंजा कस लिया था.
प्रभदीप सिंह का गोल और 3-0 की विशाल बढ़त
दूसरे क्वार्टर में भी खेल का रुख बिल्कुल नहीं बदला. भारत ने गेंद पर अपना कब्जा बनाए रखा और कोरियाई खिलाड़ियों को अपने हाफ से बाहर निकलने का मौका नहीं दिया. खेल के 21वें मिनट में प्रभदीप सिंह ने कोरियाई गोलकीपर को छकाते हुए भारत के लिए तीसरा गोल दाग दिया. 3-0 की इस विशाल बढ़त ने दक्षिण कोरिया के हौसले पूरी तरह तोड़ दिए. भारतीय मिडफील्डरों ने मैदान के हर कोने में कोरियाई पासिंग लाइन को काटा और भारतीय डिफेंस ने विपक्षी टीम के हर हमले को बड़े आराम से नाकाम कर दिया. हाफ टाइम तक भारत 3-0 से मजबूत स्थिति में आगे चल रहा था और मैच का नतीजा लगभग तय नजर आने लगा था.
आशु मोर्या के गोल से भारत ने पक्की की जीत
तीसरे क्वार्टर में दक्षिण कोरिया ने वापसी करने की काफी कोशिशें की और भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने के लिए कुछ तेज हमले किए, लेकिन भारतीय गोलकीपर और डिफेंडरों ने चट्टान बनकर उनकी हर कोशिश को विफल कर दिया. इसके बाद खेल के अंतिम और चौथे क्वार्टर में भारत ने एक बार फिर अपने आक्रामक तेवर दिखाए. मैच के 50वें मिनट में आशु मोर्या ने एक शानदार शॉट के जरिए गोल दागकर भारत का स्कोर 4-0 कर दिया. इस गोल के साथ ही भारतीय खेमे में जश्न की लहर दौड़ गई क्योंकि खिताब अब पूरी तरह भारत की मुट्ठी में आ चुका था.
कोरिया का सांत्वना गोल और भारत का जश्न
दक्षिण कोरिया के लिए मैच का इकलौता सांत्वना गोल 54वें मिनट में आया, जब ली मिन्हायक ने भारतीय डिफेंस की एक छोटी सी चूक का फायदा उठाते हुए गेंद को जाल में पहुंचाया. हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और यह गोल कोरिया की हार के अंतर को थोड़ा कम करने के अलावा और कुछ नहीं कर सका. मैच की आखिरी सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ी खुशी से उछल पड़े और एक-दूसरे को गले लगाकर अपनी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने लगे. पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जूनियर स्तर पर उनका मुकाबला करना किसी भी एशियाई टीम के बस की बात नहीं है.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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