कानपुर के महाराजपुर में मां ने प्रेमी के साथ मिलकर 14 वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। बेटा मां को प्रेमी के साथ देखकर विरोध कर रहा था और परिजनों को बताने की धमकी दे रहा था। वारदात के बाद प्रेमी ने फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया, तब मामला खुला।

प्रेमी के साथ मिलकर मां ने बेटे की हत्या की
अपने बच्चों के लिए मां क्या कुछ कर जाती है इसके अनेकों उदाहरण हैं लेकिन महाराजपुर में हुई घटना ने मां के नाम को कलंकित कर दिया। अवैध प्रेम में रोड़ा बने बेटे को मां ने मारने में जरा भी नहीं सोचा। दरअसल बेटा विरोध ही नहीं कर रहा था बल्कि परिवार के दूसरे सदस्यों के सामने हकीकत बयां करने की धमकी दे रहा था। इससे डरी मां ने प्रेमी संग वारदात को अंजाम दे डाला। इस वारदात का खुलासा तब हुआ जब बच्चे की हत्या से डरे प्रेमी ने अपने घर पर फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने उसे बचाया तो उसने जान देने का कारण बताया। इसके बाद घर से फरार हो गया।
यह है पूरी कहानी
महाराजपुर में बेटे की हत्या की यह वारदात गुरुवार रात 10 बजे के आसपास की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि महिला के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा 14 साल का जबकि दो बेटे 11 और आठ साल के हैं। पति गुजरात में काम करता है। सबसे बड़ा बेटा रात करीब नौ बजे सामान लेने गया था। उसी दौरान मौका पाकर पड़ोसी युवक घर के अंदर घुस गया। इसी बीच बेटा घर आ गया और मां को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख दोनों से भिड़ गया। मां ने उसे रोकने और चुप कराने का प्रयास किया लेकिन बेटा नहीं माना। वह गांव में रहने वाले चाचा, दाऊ को बताने की बात कहकर चिल्लाने लगा।
प्रेमी के साथ मां ने बेटे का गला कसा
महिला के पति पांच भाई हैं और गांव में आसपास घर बनाकर रहते हैं। बेटे के शोर मचाने पर मां ने उसका मुंह दबाया। उसके प्रेमी ने भी उसका साथ दिया। गला कसकर दबाने के चलते बच्चे की सांस टूट गई। जिसके बाद प्रेमी अपने घर भाग गया और फंदा लगाकर जान देने का प्रयास करने लगा। परिजनों का शोर सुनकर ग्रामीण उसे बचाने दौड़े तो उसने पूरी कहानी बयां की। ग्रामीण ने उसे पकड़ लिया तो वह आत्महत्या की धमकी देने लगा। रात होने के चलते ग्रामीण महिला के घर नहीं गए लेकिन सुबह जब बच्चे की मौत की जानकारी हुई तो ग्रामीणों ने पुलिस को फोन करके सूचना दी।
मां बोली, रात में बिगड़ी तबीयत
ग्रामीणों और परिजनों के पूछने पर महिला ने बताया कि गुरुवार की रात को बेटा आटा लेने गया था। लौटकर आने पर उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने के बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम में मिली चोटें गले पर थे निशान
बच्चे के शव का पैनल व वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम हुआ। उसके गले और शरीर में चोटों के निशान मिले हैं। विसरा सुरक्षित किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि हिस्टो पैथालॉजी जांच आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।
तहरीर नहीं दी तो पुलिस बनेगी वादी
सूत्र बताते हैं कि प्राथमिक जांच में हत्या की बात सामने आ रही है। ऐसे में परिवार की ओर से तहरीर नहीं मिलती है तो पुलिस वादी बनकर मुकदमा दर्ज कराएगी।

