• Home
  • Privacy Policy
Sonebhadra Live
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

बॉक्सर अंकुश पंघाल का ‘गोल्डन’ कमबैक, 0-5 से पिछड़ने के बाद बने कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन

Admin by Admin
September 12, 2026
in खेल
0
बॉक्सर अंकुश पंघाल का ‘गोल्डन’ कमबैक, 0-5 से पिछड़ने के बाद बने कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन


Last Updated:August 01, 2026, 23:50 IST

Ankush Panghal commonwealth Games Champion: बॉक्सर अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा कैटेगरी के फाइनल में शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता. पहले राउंड में 0-5 से पिछड़ने के बावजूद अंकुश ने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 के स्प्लिट वर्डिक्ट से मात दी. फाउल पेनाल्टी और रणनीति में बदलाव के दम पर मिली यह जीत CWG 2026 में भारत का मुक्केबाजी में 7वां गोल्ड मेडल है.

बॉक्सर अंकुश पंघाल का 'गोल्डन' कमबैक, 0-5 से पिछड़ने के बाद जीता सोने का तमगा Zoom

हार के जबड़े से छीना सोना! अंकुश पंघाल ने पलटा मैच, राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को दिलाया 7वां स्वर्ण.

नई दिल्ली. भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में हार की कगार से वापसी करते हुए रोमांचक जीत दर्ज की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. शुरुआती झटकों से उबरते हुए अंकुश ने इंग्लैंड के मुक्केबाज डिमेजी शिट्टू को मात देकर भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स मुक्केबाजी में सातवां गोल्ड मेडल दिलाया. यह जीत सिर्फ एक पदक की कहानी नहीं है, बल्कि यह अटूट मानसिक मजबूती, कभी हार न मानने वाले जज्बे और रणनीतिक सूझबूझ की मिसाल है.

फाइनल मुकाबले की शुरुआत भारतीय मुक्केबाज के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं रही. पहले राउंड में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू ने आक्रामक रुख अपनाया. शिट्टू की तेज-तर्रार पंचेस और फुर्ती के आगे अंकुश थोड़ा असहज नजर आए. अंकुश ने शुरुआती राउंड में अपनी लय हासिल करने की कोशिश की, लेकिन शिट्टू ने लगातार दबाव बनाए रखा.

हार के जबड़े से छीना सोना! अंकुश पंघाल ने पलटा मैच, राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को दिलाया 7वां स्वर्ण.

जब पहले राउंड का परिणाम सामने आया, तो जजों ने एकतरफा फैसला सुनाया. अंकुश यह राउंड 0-5 से हार चुके थे. सभी पांचों जजों ने शिट्टू के पक्ष में अंक दिए थे. किसी भी मुक्केबाज के लिए इतने बड़े मंच पर पहले ही राउंड में 0-5 से पिछड़ना एक गहरा मनोवैज्ञानिक दबाव बना सकता है. रिंग के बाहर मौजूद भारतीय प्रशंसकों और कोचिंग स्टाफ के चेहरों पर भी चिंता साफ देखी जा सकती थी.

दूसरा राउंड में वापसी की जगी उम्मीद
लेकिन असली योद्धा वही होता है जो मुश्किल परिस्थितियों में अपनी रणनीति बदले. दूसरे राउंड में अंकुश पंघाल एक नए अवतार में रिंग में उतरे. कॉर्नर में अपने कोचों से मिली सीख को अपनाते हुए अंकुश ने आक्रामकता और संयम का बेहतरीन संतुलन दिखाया.
उन्होंने शिट्टू की गलतियों का फायदा उठाना शुरू किया और सटीक काउंटर-अटैक पंचेस जड़े. शिट्टू, जो पहले राउंड की बढ़त के बाद अति-आत्मविश्वासी दिख रहे थे, अंकुश के इस अचानक हुए पलटवार से बैकफुट पर आ गए. दूसरा राउंड बेहद कड़ा और रोमांचक रहा, लेकिन इस बार भारतीय मुक्केबाज ने बाजी मारी. अंकुश ने यह राउंड स्प्लिट वर्डिक्ट के साथ अपने नाम किया और मुकाबले को बराबरी की ओर धकेल दिया.

रोमांच का चरम और फाउल प्वाइंट्स का ड्रामा
अब सब कुछ तीसरे और अंतिम राउंड पर निर्भर था. स्वर्ण पदक किसके गले में सजेगा, इसका फैसला अगले तीन मिनटों में होना था. दोनों मुक्केबाजों ने अपना सब कुछ झोंक दिया. अंकुश ने शुरुआत से ही शिट्टू पर दबाव बनाना जारी रखा. दबाव में आकर इंग्लिश मुक्केबाज ने बार-बार गलतियां करना शुरू कर दिया. मैच के बेहद नाजुक मोड़ पर शिट्टू को रेफरी द्वारा बार-बार होल्डिंग और फाउल प्ले के लिए चेतावनी दी गई. अंततः, शिट्टू को एक और प्वाइंट डिडक्शन का सामना करना पड़ा. इस पेनाल्टी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह अंकुश के पक्ष में मोड़ दिया. अंकुश ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया. उन्होंने बेहतरीन फुटवर्क का प्रदर्शन करते हुए पावरफुल कॉम्बिनेशन पंचेस जड़े और तीसरे राउंड को 4-1 से अपने नाम कर लिया.

4-1 के स्प्लिट वर्डिक्ट से स्वर्ण पर जमाया कब्जा
घंटी बजते ही पूरे स्टेडियम में उत्साह की लहर दौड़ गई. रेफरी ने जब अंकुश पंघाल का हाथ हवा में उठाया, तो भारत के खाते में एक और ऐतिहासिक जीत दर्ज हो चुकी थी. जजों ने 4-1 के स्प्लिट वर्डिक्ट से अंकुश को विजेता घोषित किया. पहला राउंड 0-5 से गंवाने के बाद लगातार दो राउंड जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम करना, राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास की सबसे शानदार वापिसियों में से एक बन गया है. अंकुश की इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया कि भारतीय मुक्केबाज दुनिया के किसी भी मुक्केबाज को किसी भी परिस्थिति में हराने का माद्दा रखते हैं.

CWG 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का स्वर्णिम दबदबा
अंकुश पंघाल की इस स्वर्णिम जीत के साथ ही CWG 2026 के मुक्केबाजी रिंग में भारत का दबदबा और मजबूत हो गया है. भारत ने अब तक फाइनल में पहुंचे अपने 9 मुक्केबाजों में से 7 के स्वर्ण पदक जीत लिए हैं, जो भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है.

About the Author

authorimg

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…

और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

August 01, 2026, 23:50 IST



Source link

Previous Post

Haiwaan Hanuman Ansh Mirzapur: बॉक्स ऑफिस पर ‘हैवान’ की फुस्स ओपनिंग, ‘हनुमान अंश’ ने 36वें दिन काटा बवाल, ‘मिर्जापुर द मूवी’ से ज्यादा की कमाई

Next Post

कानपुर में बाढ़ का कहर, 12 गांवों के लोग घरों में कैद, मुरादाबाद में नदियों का जलस्तर घटा, Uttar-pradesh Hindi News

Next Post
कानपुर में बाढ़ का कहर, 12 गांवों के लोग घरों में कैद, मुरादाबाद में नदियों का जलस्तर घटा, Uttar-pradesh Hindi News

कानपुर में बाढ़ का कहर, 12 गांवों के लोग घरों में कैद, मुरादाबाद में नदियों का जलस्तर घटा, Uttar-pradesh Hindi News

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Home
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Home
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.