संवाददाता@विशाल टंडन…..

ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन, जनपद सोनभद्र के तत्वावधान में सोमवार को प्रदेश संगठन के आह्वान पर जिले के समस्त रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष विनय कुमार पाण्डेय ने किया।
ज्ञापन के माध्यम से रोजगार सेवकों ने 10 माह से लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान, 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को लागू करने, एचआर पॉलिसी लागू करने, मानदेय में बढ़ोतरी तथा पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग उठाई। रोजगार सेवकों का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर कई बार शासन एवं प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
जिलाध्यक्ष विनय कुमार पाण्डेय ने कहा कि लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण रोजगार सेवकों और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की शिक्षा, परिवार के भरण-पोषण और भविष्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार सेवक अत्यंत कठिन परिस्थितियों में कार्य करने को विवश हैं और कई परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि मानदेय भुगतान के लिए पृथक बजट की व्यवस्था की जाए, मानदेय में वृद्धि की जाए तथा नियमितीकरण के संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाए। साथ ही लंबित मानदेय का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए।

रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश संगठन के आह्वान पर 1 जुलाई 2026 को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर प्रदीप सिंह राणा, प्रशान्त सिंह, वेद प्रकाश, मेराज अहमद, संतोष यादव, मिथिलेश, संजय कुमार, बाबूलाल, सतीश, गिरीशचन्द्र, अशोक, विनीता पटेल, भूपेन्द्र कुमार यादव, सुनील कुमार सिंह, प्रदीप कुमार अग्रहरी सहित बड़ी संख्या में रोजगार सेवक उपस्थित रहे।






