गीता प्रेस द्वारा गीता का नया स्वरूप प्रकाशित किया जाएगा। गीता में अब रोमन में श्लोक और चित्रों को प्रकाशित किया जाएगा। इससे जेन-जी और अल्फा कर्मयोग सीखेंगे। इसके द्वारा दुनिया का हर वर्ग गीता को आसानी से पढ़ सकेगा।
प्रशान्त मिश्रा, गोरखपुर। सनातन साहित्य की तीर्थ कही जाने वाली गोरक्षनगरी से एक बार फिर ‘गीता’ का नया स्वरूप प्रकाशित होने जा रहा है। नए कलेवर वाली यह गीता नई पीढ़ी यानी जेन-जी व अल्फा को विशेष अनुभूति कराएगी। इस संस्करण में संस्कृत श्लोकों के साथ मुद्रित रोमन लिप्यंतरण (रोमन रूप) को दुनिया का हर वर्ग आसानी से पढ़ सकेगा। प्रसंग की व्याख्या करने वाले रंगीन चित्रों को सहेजते हुए गीता का नव स्वरूप नई पीढ़ी को कर्मयोग के पथ पर प्रेरित करने में सहायक हो सकेगा।
सनातन ग्रंथों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध गीताप्रेस लगातार नई-नई पुस्तकों पर काम कर रहा है। इस बार गीताप्रेस ने अपने व्यापक पाठक वर्ग के साथ-साथ जेन-जी और अल्फा को भी सनातन साहित्य से जोड़ने का उद्देश्य लिए एक अनूठी पहल की है। गीताप्रेस गीता को नए कलेवर के साथ प्रकाशित कर रह रहा है। पहली खेप के रूप में इसकी तीन हजार प्रतियां प्रकाशित की जा रहीं हैं। इसके बाद मांग के अनुसार प्रकाशन जारी रहेगा।
गीताप्रेस प्रशासन का कहना है कि गीता को लेकर पहली बार इस तरह की पहल की गई है। इसके हर पृष्ठ पर संस्कृत श्लोक के अलावा तीन अन्य रूप भी नजर आएंगे, जिसमें श्लोकों का रोमन रूप एवं उनके हिन्दी व अंग्रेजी अनुवाद भी पढ़ने को मिल सकेंगे। साथ ही, प्रसंगानुकूल रंगीन चित्रों के माध्यम से श्लोकों के भाव व उनकी गहराई का अनुभव किया जा सकेगा। अब तक कुल 25 प्रकार की गीता प्रकाशित की जा चुकी है।
गोरखपुर, प्रबंधक गीताप्रेस, डॉ. लाल मणि तिवारी ने कहा कि गीताप्रेस पहली बार गीता को संस्कृत श्लोक के रोमन रूप और उसके हिन्दी व अंग्रेजी अनुवाद के साथ प्रकाशित कर रहा है। आर्ट पेपर पर प्रकाशित किए जाने वाले इस ग्रंथ में प्रसंगानुकूल विशेष चित्र होंगे। यह निश्चित ही नई पीढ़ी को अपने साथ जोड़ने का काम करेगी।
आर्ट पेपर पर ग्रंथाकार रूप में प्रकाशन
इस विशेष गीता का स्वरूप भी ग्रंथाकार होने वाला है। कुल 240 पृष्ठों वाले इस ग्रंथ को विशेष आर्ट पेपर पर प्रकाशित किया जा रहा है। जल्द ही यह पाठकों के हाथों में उपलब्ध होगी। संस्कृत न पढ़ पाने वालों के लिए यह ग्रंथ काम की हो सकती है। यहां पृष्ठों पर मुद्रित श्लोकों के रोमन रूप को पढ़ते हुए हर कोई आसानी से श्लोक वाचन कर सकता है। इसके अलावा, ग्रंथ में श्लोकों के हिन्दी व अंग्रेजी अनुवाद एवं प्रंसगों को समझने के लिए उससे संबंधित रंगीन चित्र इसे और भी विशेष बना रहे हैं।

